Rahul Gandhi CG Visit: राहुल गांधी की बड़े नेताओं और पूर्व मंत्रियों को सख्त नसीहत: “गुटबाजी खत्म करें”, बंद कमरे में जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद, ‘प्रोपेगेंडा’ की काट पर रणनीति
रायपुर/अभनपुर, 22 जून 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। रायपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अभूतपूर्व और जोरदार स्वागत के बाद, वे सीधे अभनपुर के लिए रवाना हुए। राहुल गांधी ने अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने करीब 4 घंटे का लंबा समय बिताया। इस दौरान उन्होंने पार्टी संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी रणनीतियों और अंदरूनी कलह को दूर करने पर खुलकर बात की।
बड़े नेताओं और पूर्व मंत्रियों को सख्त नसीहत: “गुटबाजी खत्म करें”
प्रशिक्षण शिविर के दौरान राहुल गांधी का रुख काफी कड़ा और स्पष्ट नजर आया। पार्टी के जिला व शहर अध्यक्षों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों से संवाद करते हुए उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि सभी नेता आपसी मतभेद और गुटबाजी को पूरी तरह खत्म करें।

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा: “अगर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को वापस मजबूत करना है, तो सभी को मिलकर एक टीम (Team Work) की तरह काम करना होगा। गुटबाजी पार्टी को कमजोर करती है।”
इस कड़े संदेश के बाद एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए पूर्व मंत्रियों और विधायकों को प्रशिक्षण हॉल से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद बंद कमरे में राहुल गांधी ने केवल नवनियुक्त जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया और उनसे राज्य की वास्तविक जमीनी हकीकत (Ground Reality) की जानकारी ली।

संगठन की मजबूती और बीजेपी के ‘प्रोपेगेंडा’ की काट पर रणनीति
शिविर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और उसे धार देने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एक स्वर में संगठन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रोपेगेंडा और नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के सामने बीजेपी के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए बनाई गई पूरी प्लानिंग पेश की, जिस पर राहुल गांधी ने भी अपने जरूरी सुझाव दिए।
केवल भाषणबाजी नहीं, फील्ड वर्क पर जोर: क्या है 10 दिवसीय शिविर?
अभनपुर के ‘आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन’ में शुक्रवार से शुरू हुआ यह 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। इसमें पूरे प्रदेश के नवनियुक्त जिला और शहर अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।

इस शिविर की खासियत यह है कि इसे केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि नेताओं के लिए एक कड़ा शेड्यूल तय किया गया है:
- ग्रामीणों से सीधा संवाद: कांग्रेस नेताओं को गांवों में रात बिताने और ग्रामीणों से सीधे जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
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जमीनी समीक्षा: नेताओं को मनरेगा (MGNREGA) की जमीनी स्थिति, गांवों में नशे की बढ़ती समस्या और स्थानीय स्तर पर सामाजिक-आर्थिक हालातों का गहन अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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होलिस्टिक ट्रेनिंग: शेड्यूल में योग, मार्शल आर्ट्स, व्यक्तित्व विकास (Personality Development) और संगठन प्रबंधन के विशेष सत्र शामिल हैं।
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विशेषज्ञों की कक्षाएं: विभिन्न विषयों के एक्सपर्ट्स नेताओं को मीडिया हैंडलिंग, जनसंपर्क, राजनीतिक रणनीति और बूथ मैनेजमेंट के गुर सिखा रहे हैं।
एयरपोर्ट पर उमड़ा जनसैलाब; बाइक से दिल्ली जाने वाले प्रशंसक की मुराद पूरी
हालांकि राहुल गांधी के इस दौरे को पूरी तरह गोपनीय (Secret) रखने की कोशिश की गई थी, लेकिन इसकी भनक लगते ही प्रदेश भर से भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता रायपुर एयरपोर्ट पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
इस दौरान एक दिलचस्प और भावुक करने वाला वाकया भी सामने आया। सक्ती जिले के जैजपुर से आए ब्लॉक अध्यक्ष कौशिक चंद्र ने बताया कि वे कुछ समय पहले राहुल गांधी से मिलने के लिए छत्तीसगढ़ से बाइक चलाकर दिल्ली गए थे, लेकिन वहां उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी। राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने की खबर मिलते ही वे दोबारा बाइक से रायपुर पहुंचे, ताकि अपने नेता की एक झलक पा सकें और उनसे मिल सकें।









