आधी रात को छापा, आसमान में उड़े हाईटेक ड्रोन: छत्तीसगढ़ में रेत माफिया पर CM विष्णुदेव साय का ‘ऑपरेशन ड्रोन’! रात में हुई ताबड़तोड़ जांच, थमाया नोटिस
सीएम विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्ती तेज, एमसीबी जिले के कई नदी क्षेत्रों में हुई रात्रिकालीन जांच
रायपुर, 22 जून 2026। प्रदेश में अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ राज्य सरकार ने शिकंजा और कस दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने शिकायतों के आधार पर देर रात औचक निरीक्षण कर कई रेत भंडारण स्थलों की जांच की। इस दौरान हाईटेक ड्रोन तकनीक की मदद से मौके पर मौजूद रेत की मात्रा का आकलन किया गया और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर संबंधित भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रात में चला अभियान, नदी क्षेत्रों में पहुंची टीम
21 जून की रात केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने एमसीबी जिले की केल्हारी तहसील के दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। यहां स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण स्थलों का बारीकी से परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग कर भंडारित रेत की वास्तविक मात्रा का आकलन किया। जांच में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम साय का स्पष्ट संदेश- अवैध खनन के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोहराया है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का दोहन केवल नियमों के अनुरूप ही होना चाहिए और अवैध खनन या भंडारण में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़े लहजे में साफ कर दिया है कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“छत्तीसगढ़ में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। प्राकृतिक संपदा का दोहन सिर्फ नियमों के दायरे में होगा। जो भी कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हमारी नीति साफ है—जीरो टॉलरेंस।”
— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
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रडार पर ‘पहुंच-विहीन’ इलाके, ड्रोन की पैनी नजर
आईएएस रजत बंसल ने अब विभाग के मैदानी अमले को और ज्यादा आक्रामक होने को कहा है। राज्य के उन इलाकों को चिन्हित (Map) कर लिया गया है, जहां रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन की संभावना सबसे ज्यादा होती है। अब इन सभी ‘हॉटस्पॉट्स’ पर चौबीसों घंटे हाईटेक ड्रोन से पैनी नजर रखी जा रही है। केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला स्तरीय टीम के इस संयुक्त और आक्रामक रूप को देखकर साफ है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध रेत का कारोबार करने वालों के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं।
तकनीक के सहारे माफियाओं पर शिकंजा
खनिज विभाग की इस कार्रवाई को प्रदेश में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। रात के अंधेरे में अचानक हुई जांच और ड्रोन सर्वे से यह संकेत भी मिला है कि अब विभाग पारंपरिक तरीकों के बजाय तकनीक के सहारे खनन माफियाओं पर नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे और अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।












