CG में बड़ा बवाल-देखें Video: जमीन नापने पहुंची राजस्व टीम पर हमला, RI को पीटा, तहसीलदार से धक्कामुक्की, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
जगदलपुर के करपावंड की घटना: कोर्ट के आदेश पर कब्जा दिलाने पहुंची थी टीम; ग्रामीणों का आरोप- 'नक्शा गलत है', सरपंच पर भीड़ उकसाने का आरोप।
जगदलपुर, 20 जून 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत जगदलपुर जिले के करपावंड में शुक्रवार को जमीन की नापजोख और कब्जा दिलाने की कार्रवाई के दौरान जबरदस्त बवाल हो गया। न्यायालय के आदेश पर मौके पर पहुंचे राजस्व अमले के सामने ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर फूटा कि उन्होंने कानून हाथ में ले लिया। आक्रोशित भीड़ ने जमीन मालिक शेराराम चौधरी और जमीन विक्रेता मदन निषाद के साथ जमकर मारपीट कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने उतरे राजस्व अधिकारियों के साथ भी तीखी धक्कामुक्की हुई और भीड़ ने आरआई (RI) देवेंद्र श्रीवास की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है, जिसे देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, शेराराम चौधरी ने करपावंड इलाके में मदन निषाद से करीब 10 एकड़ 10 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस कीमती जमीन पर कुछ स्थानीय लोगों का लंबे समय से अवैध कब्जा था, जिसके कारण यह पूरा विवाद न्यायालय (कोर्ट) पहुंचा था। कोर्ट का फैसला जमीन मालिक शेराराम के पक्ष में आने के बाद, शुक्रवार को प्रशासन की टीम सीमांकन (नापजोख) करने और जमीन पर मालिकाना हक दिलाने गांव पहुंची थी। एहतियात के तौर पर सुबह से ही दो वाहनों में पुलिस बल भी तैनात किया गया था, लेकिन जैसे ही नापजोख पूरी हुई, अचानक विवाद भड़क गया।

घटना स्थल का Video वायरल
प्रशासन और जमीन मालिक का पक्ष: ‘सब कुछ कोर्ट के आदेशानुसार था’
मामले पर तहसीलदार रूपेश मरकाम और जमीन मालिक शेराराम चौधरी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के पालन में की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर उपलब्ध वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी नक्शे के आधार पर ही नापजोख की गई थी, जिसमें कोई विसंगति नहीं थी। तहसीलदार ने बताया कि शुरुआत में सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन नापजोख की प्रक्रिया शुरू होते ही गांव के सरपंच और कुछ अन्य लोगों ने जानबूझकर भीड़ को उकसाया, जिसके बाद अचानक हिंसा भड़क गई।

ग्रामीणों और सरपंच का पक्ष: ‘सरकारी नक्शा पूरी तरह गलत है’
दूसरी ओर, ग्रामीणों और स्थानीय सरपंच का सीधा आरोप है कि प्रशासन जिस नक्शे के आधार पर सीमांकन कर रहा था, वह जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। ग्रामीणों का दावा है कि वर्तमान सरकारी नक्शे में इस जमीन को मुख्य सड़क (Main Road) से लगा हुआ दिखाया जा रहा है, जबकि मदन निषाद की वास्तविक जमीन गांव में काफी पीछे की तरफ स्थित है। ग्रामीणों की मांग थी कि प्रशासन कब्जा दिलाने की जल्दबाजी करने के बजाय पहले राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे की इस बड़ी त्रुटि को सुधारे। इसी अनदेखी के चलते ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
दोषियों पर FIR की तैयारी, गांव में पुलिस छावनी
भीड़ के इस अचानक हमले में जमीन मालिक शेराराम, विक्रेता मदन निषाद और आरआई (RI) देवेंद्र श्रीवास को चोटें आई हैं, वहीं तहसीलदार रूपेश मरकाम से भी बदसलूकी और धक्कामुक्की की गई है। इस घटना के बाद प्रशासनिक अमले में भारी नाराजगी है। प्रशासन अब वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर हमलावरों और भीड़ उकसाने वालों को चिन्हित कर रहा है। सभी दोषियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।











