CG-कर्मचारियों-शिक्षकों के इलाज के लिए अस्पतालों की सूची जारी; अब इन प्राइवेट हॉस्पिटल्स में होगा इलाज, सरकार ने जारी की लिस्ट और नए नियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के चयनित निजी अस्पतालों की मान्यता अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में सरकारी कर्मचारी निर्धारित नियमों के अनुसार उपचार करा सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के भीतर स्थित मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में इलाज के लिए संबंधित जिले के सिविल सर्जन की अनुशंसा आवश्यक होगी। हालांकि किसी आपात स्थिति में मरीज या उसके परिजन इलाज के बाद मुख्यालय लौटने की तारीख से सात दिनों के भीतर अपने कार्यालय प्रमुख या नियंत्रण अधिकारी को सूचना देकर नियमानुसार कार्योत्तर स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे।
वहीं, प्रदेश के बाहर स्थित मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज की रेफरल समिति का प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। यदि किसी बीमारी के इलाज, जांच या विशेष चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता सरकारी अस्पतालों में नहीं है, तो संबंधित अधिकारी मरीज को अन्य मान्यता प्राप्त अस्पतालों में रेफर कर सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित दरों पर उपचार की सुविधा दी जाएगी। इससे कर्मचारियों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया भी अधिक सरल हो सकेगी।
आदेश में अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारजनों का उपचार बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल शुरू किया जाए। केवल अग्रिम राशि जमा नहीं होने के आधार पर इलाज रोकने या टालने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने मरीजों को समय पर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अस्पतालों पर तय की है।













