छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक क्षण: आजादी के 78 साल बाद पहली बार रावघाट पहुँची रेल, बस्तर में बदलेगी विकास की तस्वीर

रायपुर | 19 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास और बस्तर अंचल की विकास यात्रा में 20 अक्टूबर का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। देश की आजादी के दशकों बाद, आखिरकार बस्तर अंचल का दुर्गम और वनांचल क्षेत्र रावघाट सीधे देश के रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में सोमवार को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन एवं अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य रूप से शामिल होंगे।

एक नज़र में बड़ी सौगातें (Key Highlights)
- ताड़ोकी – रावघाट रेल लाइन: 17.5 किमी लंबे नए ट्रैक का लोकार्पण।
- अभनपुर – कुरूद ब्रॉडगेज लाइन: नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदले 22 किमी ट्रैक का उद्घाटन।
- नई पैसेंजर ट्रेनें: ‘रावघाट–रायपुर’ और ‘रायपुर–कुरूद’ के बीच नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ।
- लोको शेड फैसिलिटी: रायपुर में 300 हाई-हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के लिए आधुनिक मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास।

“रावघाट तक रेल का पहुँचना सिर्फ पटरियों का विस्तार नहीं, बस्तर का नया सवेरा है” – CM विष्णु देव साय
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:
“रावघाट तक रेल पहुँचना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की एक ऐतिहासिक शुरुआत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन सरकार’ का संकल्प है कि विकास का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस रेल लाइन के शुरू होने से बस्तर अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे तथा सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

भिलाई स्टील प्लांट और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई संजीवनी
दल्लीराजहरा से रावघाट तक ₹1,628 करोड़ की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना तैयार की गई है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर का कठिन कार्य पूरा होते ही यह पूरी परियोजना साकार हो गई है।
- कच्चा माल परिवहन: रावघाट क्षेत्र में लौह अयस्क (Iron Ore) के प्रचुर भंडार हैं। रेल लाइन जुड़ने से भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL) और देश के अन्य प्रमुख स्टील उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण लौह अयस्क की आपूर्ति बेहद आसान और सस्ती हो जाएगी।
- आवागमन में सुविधा: बस्तर के ग्रामीणों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को रायपुर तक सीधी और सस्ती परिवहन सुविधा मिलेगी।
अभनपुर-कुरूद ट्रैक से धमतरी-रायपुर की दूरी होगी सुगम
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर ब्रॉडगेज लाइन का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
इससे रायपुर, अभनपुर और कुरूद के बीच दैनिक यात्रियों, किसानों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को तेज और आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा। परियोजना के अगले चरण में कुरूद से धमतरी सेक्शन पर काम तेजी से चल रहा है।
रायपुर में बनेगा आधुनिक इलेक्ट्रिक लोको मेंटेनेंस हब
कार्यक्रम के दौरान रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी जाएगी।
यह हब 300 हाई-हॉर्सपावर (High Horsepower) इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता से लैस होगा। इससे न केवल ट्रेनों की मेंटेनेंस में तेजी आएगी, बल्कि भारी माल ढुलाई परिचालन भी अधिक सुचारु और समयबद्ध हो सकेगा।

