छत्तीसगढ़ के 3 शहरों का दिल्ली में बजेगा डंका! स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर-बिलासपुर के साथ बिल्हा को भी मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति करेंगी पुरस्कृत
11 नवंबर को नई दिल्ली में होगा सम्मान समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी सम्मानित; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी CM अरुण साव ने दी बधाई, सफाई मित्रों को भी मिलेगा मंच पर सम्मान

बिलासपुर, 7 नवंबर 2026। स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में प्रदेश के तीन शहरों रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा का राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन हुआ है। खास बात यह है कि प्रदेश के दो बड़े शहरों के साथ बिलासपुर जिले के बिल्हा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है। तीनों शहरों को 11 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी।
इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीनों शहरों के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों और सफाई मित्रों को बधाई दी है। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इसे प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
रायपुर-बिलासपुर के साथ बिल्हा ने भी बनाई राष्ट्रीय पहचान
स्वच्छ सर्वेक्षण के दसवें संस्करण में छत्तीसगढ़ के तीन शहरों का चयन प्रदेश की शहरी स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर इन शहरों के राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन की औपचारिक जानकारी दी है।
मंत्रालय के सचिव सतेंद्र सिंह ने पत्र में छत्तीसगढ़ में संचालित स्वच्छता गतिविधियों और नागरिकों की भागीदारी की सराहना की है। इस उपलब्धि से प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
11 नवंबर को राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
तीनों शहरों को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहेंगे।
इस बार सम्मान समारोह में सफाई मित्रों और मैदानी कर्मचारियों की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। चयनित शहरों के प्रतिनिधिमंडलों में सफाई मित्रों, स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों, अभियंताओं और स्वच्छता मिशन से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक पुरस्कार प्राप्त शहर से चार प्रतिनिधियों को मंच पर सम्मान ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय बोले- सफाई मित्रों की मेहनत का सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि उन हजारों सफाई मित्रों के परिश्रम का परिणाम है, जो प्रतिदिन शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में जुटे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहरों में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था हो और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रतियोगिता में पुरस्कार हासिल करने का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर जीवन से जुड़ा संकल्प है। इसके लिए सरकार के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
अरुण साव बोले- दूसरे शहरों को भी मिलेगी प्रेरणा
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने तीनों शहरों के चयन पर खुशी जताते हुए नगरीय निकायों की टीमों, जनप्रतिनिधियों, सफाई मित्रों और नागरिकों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा को मिलने वाला राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहल और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। सरकार का प्रयास है कि स्वच्छता किसी विशेष अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि शहरों की नियमित कार्यसंस्कृति और नागरिकों की जीवनशैली का हिस्सा बने।
‘बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ है इस बार की थीम
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। इसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है।
छत्तीसगढ़ के तीन शहरों का राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन इस बात का संकेत है कि स्वच्छता के प्रयासों में प्रशासनिक व्यवस्था के साथ जनसहभागिता भी अहम भूमिका निभाती है। अब इस सम्मान के बाद प्रदेश के दूसरे शहरों के सामने भी स्वच्छता के स्तर को और बेहतर बनाने की चुनौती होगी।
