पनीर बिरयानी के पार्सल में निकला चिकन, शाकाहारी परिवार के उड़े होश! दोबारा ऑर्डर पर भी 100 रुपये लेने का आरोप

बिलासपुर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी का मामला: 445 रुपये में मंगाई थी पनीर टिक्का बिरयानी, होटल ने डिलीवरी की गलती बताकर मांगी माफी
बिलासपुर। ऑनलाइन फूड डिलीवरी में एक छोटी-सी चूक किसी के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक शाकाहारी परिवार के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है। परिवार ने ऑनलाइन पनीर टिक्का बिरयानी ऑर्डर की थी, लेकिन पार्सल खोलने के बाद खाने में चिकन के टुकड़े मिलने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि जिस भोजन को वे पूरी तरह शाकाहारी समझकर खा रहे थे, उसमें मांसाहारी सामग्री निकलने से उन्हें गहरा झटका लगा। विवाद तब और बढ़ गया, जब शिकायत के बाद दोबारा बिरयानी भेजने के लिए 100 रुपये अतिरिक्त लेने का आरोप सामने आया।
मिली जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के राजकिशोर नगर निवासी प्रज्ञा बैसवाडे ने जोमैटो के माध्यम से होटल ग्रैंड गुलमोहर से पनीर टिक्का बिरयानी ऑर्डर की थी। शनिवार दोपहर 2 बजकर 48 मिनट पर किए गए इस ऑर्डर की कीमत 445 रुपये बताई गई है।
परिवार को उम्मीद थी कि ऑर्डर के मुताबिक शाकाहारी भोजन ही मिलेगा। लेकिन खाना खाते समय चावल में चिकन के टुकड़े नजर आने का दावा किया गया। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। जिस भोजन को शाकाहारी समझकर मंगाया गया था, उसमें मांसाहारी सामग्री मिलने की बात ने पूरे परिवार को परेशान कर दिया।
बेटी ने कभी नहीं खाया मांसाहार, परिवार ने जताई नाराजगी
प्रज्ञा के पिता प्रफुल्ल बैसवाडे के मुताबिक, उनका परिवार पूरी तरह शाकाहारी है और उनकी बेटी ने कभी मांसाहार नहीं किया है। परिवार का आरोप है कि इस घटना से बेटी को मानसिक परेशानी हुई और उसने खाना-पीना तक छोड़ दिया।
परिवार का कहना है कि यह मामला केवल गलत ऑर्डर मिलने तक सीमित नहीं है। भोजन संबंधी उनकी मान्यताओं और भरोसे को भी ठेस पहुंची है। इसी वजह से परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
शिकायत के बाद होटल ने मांगी माफी, फिर 100 रुपये लेने का आरोप
परिवार के अनुसार, जब उन्होंने होटल प्रबंधन से शिकायत की, तो गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी गई। इसके बाद पनीर टिक्का बिरयानी दोबारा भेजी गई। हालांकि, परिवार का आरोप है कि दूसरी बार शाकाहारी बिरयानी भेजने के लिए उनसे 100 रुपये अतिरिक्त लिए गए।
यही बात परिवार की नाराजगी की एक बड़ी वजह बन गई। उनका कहना है कि यदि पहली बार गलत भोजन भेजा गया था, तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होनी चाहिए थी।
परिवार ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन ऑर्डर, बिल और घटना से जुड़े साक्ष्य सुरक्षित रखे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत के दौरान उन्हें प्रस्तुत किया जा सके।
होटल की रसोई और पैकिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की पहचान, पैकिंग और डिलीवरी की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऑनलाइन ऑर्डर में ग्राहक भोजन के नाम और विवरण के आधार पर भरोसा करके ऑर्डर करता है। ऐसे में यदि पैकिंग के दौरान गलत भोजन किसी दूसरे ग्राहक तक पहुंच जाए, तो यह केवल स्वाद या पसंद का मामला नहीं रह जाता, बल्कि ग्राहक की खानपान संबंधी मान्यताओं से भी जुड़ जाता है।
परिवार का कहना है कि ऐसी गलतियों को रोकने के लिए ऑर्डर की जांच और पैकिंग के दौरान विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।
होटल प्रबंधन ने डिलीवरी की गलती बताई
मामले में होटल ग्रैंड गुलमोहर के मैनेजर धर्मेंद्र पाटले ने बताया कि उस समय चिकन टिक्का बिरयानी का भी एक ऑर्डर था। उनके अनुसार, डिलीवरी बॉय ने गलती से पनीर टिक्का बिरयानी की जगह चिकन बिरयानी का पार्सल दे दिया।
मैनेजर के मुताबिक, गलती का पता चलने पर माफी मांगते हुए पनीर टिक्का बिरयानी दोबारा भेजी गई। होटल प्रबंधन ने इसे अनजाने में हुई चूक बताया है।
हालांकि, दोबारा भेजे गए ऑर्डर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त लेने के आरोप पर उपलब्ध जानकारी में होटल प्रबंधन का अलग से स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है।
प्रशासन और उपभोक्ता फोरम में शिकायत की तैयारी
परिवार का कहना है कि वह मामले की शिकायत कलेक्टर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन और उपभोक्ता फोरम में करने की तैयारी कर रहा है। परिवार ने संबंधित होटल के खिलाफ कार्रवाई करने और उसका लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की है।
फिलहाल, शिकायत दर्ज होने और प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आगे की स्थिति संबंधित शिकायत और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सवाल सिर्फ गलत पार्सल का नहीं, भरोसे का भी है। ऑनलाइन भोजन मंगाने वाला ग्राहक उम्मीद करता है कि उसे वही खाना मिलेगा, जिसके लिए उसने भुगतान किया है। ऐसे मामलों में ऑर्डर की सही पहचान, सुरक्षित पैकिंग और शिकायतों का उचित समाधान बेहद जरूरी है।
