इस दिवाली रोशनी घर में लाएं, ठगों को मौका न दें’, बिलासपुर पुलिस का साइबर ठगी के खिलाफ खास अभियान….कलेक्टर-IG-SP और मिसेज इंडिया एलुरिंग ने दिया सुरक्षा का संदेश

बिलासपुर पुलिस के ‘चेतना बहुआयामी अभियान’ के तहत दिवाली के अवसर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता पोस्टर जारी किया गया। पोस्टर के जरिए आम नागरिकों को सीधा संदेश दिया गया है- ‘इस दिवाली रोशनी घर में लाएं, ठगों को मौका न दें!’

इस जागरूकता पोस्टर का विमोचन बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक (SP) रजनेश सिंह और मिसेज इंडिया एलुरिंग 2026 एंजेल चौकसे की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान त्योहार के समय बढ़ने वाली ऑनलाइन गतिविधियों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने और आम लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया।

OTP से लेकर स्क्रीन शेयरिंग तक, इन चार गलतियों से बचें
बिलासपुर पुलिस ने पोस्टर के माध्यम से साइबर ठगी से बचने के लिए चार अहम सावधानियां बताई हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP साझा न करें। मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें।
इसके साथ ही साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल कार्रवाई करने की सलाह दी गई है। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया गया है। ठगी की जानकारी मिलते ही इस नंबर पर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है।

दिवाली ऑफर और गिफ्ट के नाम पर हो सकता है बड़ा खेल
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढ़ जाता है। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर फर्जी डिस्काउंट, आकर्षक कैशबैक, गिफ्ट वाउचर, इनाम और लॉटरी के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
कई बार ठग बैंक या किसी नामी कंपनी का अधिकारी बनकर फोन करते हैं और खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। वहीं, फर्जी लिंक के जरिए मोबाइल में मौजूद निजी जानकारियों तक पहुंचने की कोशिश भी की जाती है। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।

जागरूकता के जरिए साइबर अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश
बिलासपुर पुलिस की इस पहल का मकसद सिर्फ जागरूकता पोस्टर जारी करना नहीं, बल्कि लोगों को डिजिटल लेन-देन के दौरान जिम्मेदार और सतर्क व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी देने की जरूरत है।
पुलिस का संदेश साफ है- दिवाली की खुशियों में कोई खलल न पड़े, इसके लिए ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी जरूरी है। किसी को OTP न बताएं, अनजान लिंक से दूर रहें और ठगी होने पर शिकायत करने में देर न करें।
त्योहार पर दीयों से घर रोशन करें, लेकिन साइबर ठगों के लिए अपने बैंक खाते का रास्ता न खोलें।

