पहले DSP कल्पना वर्मा पर लगाए करोड़ों ऐंठने का आरोप, अब खुद ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार हुआ दीपक टंडन; AI से तस्वीरें एडिट कर ब्लैकमेलिंग का आरोप
रायपुर से बिलासपुर पुलिस ने दबोचा, 'द हनी बैजर न्यूज' पोर्टल के जरिए लोगों को बदनाम करने का आरोप; मोबाइल से आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप जब्त

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की निलंबित DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों रुपये, महंगी कार और कीमती गहने लेने का आरोप लगाकर सुर्खियों में आया होटल कारोबारी दीपक टंडन अब खुद गंभीर आरोपों में पुलिस की गिरफ्त में है। बिलासपुर पुलिस ने उसे रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया है। उस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए लोगों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें प्रकाशित करने तथा इनके जरिए ब्लैकमेलिंग और उगाही करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन ‘द हनी बैजर न्यूज’ नाम से न्यूज पोर्टल संचालित कर रहा था। आरोप है कि वह लोगों की तस्वीरों को AI की मदद से इस तरह एडिट करता था कि उनकी छवि खराब हो। इसके बाद पोर्टल और सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपमानजनक सामग्री प्रकाशित कर संबंधित लोगों पर दबाव बनाया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद DSP कल्पना वर्मा और दीपक टंडन के बीच पहले से चर्चित विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जिस कारोबारी ने एक पुलिस अधिकारी पर करोड़ों के लेन-देन और महंगे उपहार लेने के आरोप लगाए थे, अब उसी के खिलाफ AI के दुरुपयोग और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में पुलिस ने कार्रवाई की है।
AI से तस्वीरें बदलकर बदनाम करने का आरोप, फिर ब्लैकमेलिंग
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 29 अक्टूबर 2026 को हुई शिकायत से हुई। बिलासपुर के तिफरा स्थित महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीरों के साथ AI तकनीक की मदद से छेड़छाड़ की गई और उन्हें आपत्तिजनक रूप में प्रस्तुत कर भ्रामक एवं अपमानजनक खबरें तैयार की गईं।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि इन खबरों को न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में दीपक टंडन की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
रायपुर के अपार्टमेंट में दबिश, दो मोबाइल जब्त
दीपक टंडन की लोकेशन रायपुर में मिलने के बाद बिलासपुर की सिरगिट्टी पुलिस ने न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के रजत प्राइम अपार्टमेंट में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल की जांच में न्यूज पोर्टल से संबंधित कई आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिली हैं। इन डिजिटल सामग्रियों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग और उगाही में इन सामग्रियों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था।
साले समेत अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में दीपक टंडन अकेला आरोपी नहीं है। पुलिस ने कोमल प्रसाद चौबे और अन्य लोगों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इस प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। कुछ सहयोगियों के फरार होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि AI से तस्वीरें तैयार करने, भ्रामक खबरें प्रकाशित करने और कथित तौर पर लोगों को ब्लैकमेल करने के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है।
क्या है DSP कल्पना वर्मा और दीपक टंडन का विवाद?
दीपक टंडन का नाम छत्तीसगढ़ की निलंबित DSP कल्पना वर्मा से जुड़े चर्चित विवाद के बाद सुर्खियों में आया था। कारोबारी ने आरोप लगाया था कि कल्पना वर्मा ने उसे प्रेम संबंध और शादी का भरोसा देकर करोड़ों रुपये, महंगी कार और कीमती गहने लिए। जांच रिपोर्ट को लेकर सामने आई खबरों में करीब दो करोड़ रुपये के लेन-देन और महंगे उपहारों का भी उल्लेख किया गया था।
वहीं, कल्पना वर्मा ने दीपक टंडन के आरोपों को खारिज किया था। उनका पक्ष था कि कारोबारी ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें लेकर फर्जी चैट तैयार की और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात भी कही थी।
इस विवाद की जांच के दौरान कल्पना वर्मा को 5 फरवरी 2026 को निलंबित किया गया था। मामले में आर्थिक लेन-देन और कथित तौर पर गोपनीय जानकारी साझा किए जाने के आरोप भी सामने आए थे।
अब डिजिटल सबूत खोलेंगे कई राज?
दीपक टंडन की गिरफ्तारी ने इस पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। एक तरफ कल्पना वर्मा पर लगे आर्थिक लेन-देन और गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोपों की जांच का मामला है, तो दूसरी तरफ दीपक टंडन पर AI के जरिए तस्वीरों से छेड़छाड़, भ्रामक खबरें प्रकाशित करने और कथित ब्लैकमेलिंग के आरोप हैं।
अब पुलिस की जांच के केंद्र में जब्त मोबाइल फोन, डिजिटल सामग्री, कथित उगाही के सबूत और अन्य आरोपियों की भूमिका है। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और किन-किन लोगों को निशाना बनाया गया।
