CGPSC भर्ती घोटाला: पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, अब मनी ट्रेल की जांच करेगी ED

रायपुर, 1 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश किया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब ईडी मामले में कथित मनी ट्रेल की भी जांच करेगी।
ईडी ने टामन सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें भर्ती प्रक्रिया में कथित हेरफेर और अवैध वित्तीय लेन-देन के संकेत मिलने का दावा किया गया है।
CBI का दावा: घर से उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अदालत में दावा किया कि तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष ने कुछ उम्मीदवारों को अपने निवास से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इसके बाद आयोग के तत्कालीन परीक्षा उप नियंत्रक ललित गणवीर के माध्यम से कथित रूप से प्रश्नपत्र रायपुर के एक कारोबारी तक पहुंचा। इस मामले में संबंधित कारोबारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
2020 से 2022 की भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई CGPSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया में कथित अनियमितता कर प्रभावशाली परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। आरोपों के मुताबिक डिप्टी कलेक्टर, उप पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न राजपत्रित पदों पर चयन प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थियों की अनदेखी कर कथित रूप से पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की होगी जांच
ईडी अब इस पूरे मामले में धन के स्रोत, लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के बदले अवैध आर्थिक लाभ लिया गया था या नहीं।
मामले की जांच फिलहाल सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियों द्वारा अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजर बनी हुई है।
