CG-स्कूल में अर्धनग्न होने वाले प्रधान पाठक की हुई छुट्टी, कलेक्टर के आदेश पर सस्पेंड

जांजगीर-चांपा/रायपुर, 01 अगस्त 2026। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ ब्लॉक अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा डोंगाकोहरौद में बच्चों के सामने अश्लील हरकत करने और क्लासरूम में पेशाब करने वाले आरोपी प्रधान पाठक (हेडमास्टर) भुवनेश्वर कौशिक पर आखिरकार प्रशासन की बड़ी गाज गिरी है। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। जांच प्रतिवेदन आते ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने आरोपी हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित जांच, रिपोर्ट में दोषी पाए गए हेडमास्टर
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे के सख्त निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पामगढ़ द्वारा मामले की त्वरित जांच की गई। बीईओ द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया।
विभागीय आदेश के अनुसार, प्रथम दृष्टया प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक का आचरण गंभीर कदाचार (Misconduct) की श्रेणी में पाया गया है। उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के सर्वथा विपरीत है। इसके चलते उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
नवागढ़ किया गया मुख्यालय, पुलिस हिरासत में हैं आरोपी
निलंबन आदेश जारी होने के साथ ही विभाग ने श्री भुवनेश्वर कौशिक का निलंबन कालीन मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नवागढ़ निर्धारित किया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
बता दें कि इससे पहले डरे-सहमे बच्चों ने घर पहुंचकर जब परिजनों को हेडमास्टर की इस घिनौनी करतूत की जानकारी दी थी, तब आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल पहुंचकर आरोपी का अर्धनग्न हालत में वीडियो बनाया था। इसके बाद डायल-112 और पामगढ़ थाना पुलिस को बुलाकर आरोपी शिक्षक को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली इस घटना पर जहां पुलिस अपनी कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं शिक्षा विभाग ने भी निलंबन का कड़ा कदम उठाकर स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से समझौता करने वाले शासकीय सेवकों को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों और परिजनों द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई की मांग के बीच इस निलंबन आदेश का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया जा रहा है।
