पीएससी-2021; सोनवानी के चार रिश्तेदार को छोड़ बाकी 11 डिप्टी कलेक्टरों को मिली पोस्टिंग, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश

रायपुर, 16 मई 2026। बहुचर्चित और विवादित पीएससी-2021 भर्ती मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 11 चयनित अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर नियुक्ति और पदस्थापना आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की गई है। वहीं पूर्व पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे सहित चार चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फिलहाल रोक दी गई है।
दरअसल, पीएससी-2021 परीक्षा में गड़बड़ी और रिश्तेदारों को कथित लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एसीबी को सौंपी थी। जांच में तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। मामले में सोनवानी सहित चार आरोपी जेल में भी हैं।
जांच लंबित होने के कारण सरकार ने चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे थे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं, उन्हें नियुक्ति दी जाए। इसके बाद राज्य सरकार ने 11 अभ्यर्थियों को पोस्टिंग जारी कर दी है।
इन 11 डिप्टी कलेक्टरों को मिली पोस्टिंग
प्रज्ञा नायक – बलरामपुर-रामानुजगंज
अनन्या अग्रवाल – दुर्ग
विजय राणा – सारंगढ़-बिलाईगढ़
अमित कुमार भारद्वाज – दंतेवाड़ा
खुशबू बिजारा – कोरिया
नेहा खलखो – मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
प्रिंसी तंबोली – सरगुजा
साक्षी ध्रुव – गरियाबंद
निखिल खलखो – रायगढ़
महेंद्र कुमार सिदार – नारायणपुर
राजेंद्र कुमार कौशिक – कांकेर
चार अभ्यर्थियों की नियुक्ति अब भी अटकी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ जांच एजेंसियों को साक्ष्य मिले हैं, उनकी नियुक्ति फिलहाल रोकी गई है। इनमें पूर्व पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के करीबी रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पीएससी-2021 भर्ती मामला लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब 11 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जबकि बाकी अभ्यर्थियों पर अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।









