CG- 9 साल से सरकारी जमीन पर रह रहे लोगों को मिलेगा पट्टा; प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सर्वे शुरू, कलेक्टरों से मांगी गई रिपोर्ट
रायपुर, 15 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सरकारी भूमि पर वर्षों से रह रहे लोगों के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ऐसे लोगों को पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए व्यापक सर्वे अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर 9 साल या उससे अधिक समय से निवास कर रहे लोगों की पहचान की जाएगी।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कौन-कौन से परिवार लंबे समय से सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं और वे पट्टे के पात्र हैं या नहीं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे पारदर्शी तरीके से किया जाए और वास्तविक हितग्राहियों की सूची तैयार की जाए।

जानकारी के अनुसार सरकार का उद्देश्य ऐसे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देना है, जो वर्षों से एक ही जगह पर रह रहे हैं लेकिन उनके पास जमीन का वैध दस्तावेज नहीं है। पट्टा मिलने के बाद इन परिवारों को कानूनी अधिकार मिल सकेगा, साथ ही वे बैंक लोन, बिजली-पानी कनेक्शन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे।
सर्वे अभियान के तहत निकाय स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें वार्डवार जाकर मकानों और कब्जे की स्थिति का सत्यापन करेंगी। इसके बाद पात्र लोगों की सूची जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। बताया जा रहा है कि जिन लोगों का कब्जा विवादित होगा या जो हाल ही में सरकारी जमीन पर बसे हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

सरकार का मानना है कि प्रदेश के कई शहरों में बड़ी संख्या में परिवार लंबे समय से सरकारी जमीन पर निवास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मालिकाना हक देने से न केवल उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भूमि संबंधी विवाद भी कम होंगे।
सूत्रों के मुताबिक सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई और पट्टा वितरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी। इस फैसले से प्रदेश के हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।











