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IAS Award News: नायब तहसीलदार से IAS तक: 33 साल की तपस्या ने रचा इतिहास, जानिए कौन हैं वीरेंद्र बहादुर पंचभाई

कहते हैं कि मेहनत और धैर्य का कोई विकल्प नहीं होता। छत्तीसगढ़ के एक जांबाज अधिकारी ने इसे सच कर दिखाया है। 33 साल पहले राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद पर सरकारी सेवा शुरू करने वाले इस अधिकारी को अब केंद्र सरकार ने IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) के पद पर प्रमोट किया है। यह केवल एक प्रमोशन नहीं, बल्कि प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो राज्य सेवा के माध्यम से प्रशासन में आते हैं।

रायपुर | छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में आज एक ऐसी कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है, जो साबित करती है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत सच्ची, तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है। राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारी बीरेंद्र बहादुर पंचभाई (Birendra Bahadur Panchbhai) अब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी बन गए हैं।

सफर की शुरुआत: शून्य से शिखर तक

बीरेंद्र बहादुर पंचभाई ने अपने करियर की शुरुआत अविभाजित मध्य प्रदेश के समय में नायब तहसीलदार के रूप में की थी। एक ऐसे पद से सेवा शुरू करना जहाँ जनता से सीधा जुड़ाव होता है, उन्होंने मैदानी स्तर की चुनौतियों को करीब से देखा। 33 साल के लंबे सफर में उन्होंने पटवारी से लेकर कलेक्टर तक के कामकाज को बारीकी से समझा और आज वे खुद IAS कैडर में शामिल हो गए हैं।

छत्तीसगढ़ में बना नया रिकॉर्ड

आमतौर पर राज्य सेवा से IAS बनने वाले अधिकारी ‘डिप्टी कलेक्टर’ पद से शुरुआत करते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि कोई अधिकारी नायब तहसीलदार के पद से भर्ती होकर IAS के पद तक पहुँचा है। बीरेंद्र पंचभाई मूलतः छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निवासी हैं। उन्होंने रायपुर में लंबे समय तक अपर कलेक्टर के रूप में सेवा दी और वर्तमान में नारायणपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।

केंद्र सरकार की मुहर (DoPT का आदेश)

भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की। 2024 की चयन सूची के आधार पर छत्तीसगढ़ के कुल 7 अधिकारियों को IAS अवार्ड किया गया है, जिनमें बीरेंद्र बहादुर पंचभाई का नाम सबसे प्रमुखता से उभरा है।

IAS बनने वाले अन्य अधिकारियों की सूची:

  1. तीरथराज अग्रवाल

  2. लीना कोसम

  3. सौमिल रंजन चौबे

  4. बीरेंद्र बहादुर पंचभाई

  5. सुमित अग्रवाल

  6. संदीप कुमार अग्रवाल

  7. आशीष कुमार टिकारिहा

संघर्ष और सादगी की मिसाल

पंचभाई की पहचान एक ईमानदार और कार्यकुशल अधिकारी के रूप में रही है। नारायणपुर जैसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उनकी वर्तमान तैनाती उनकी प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है। विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में उनके 33 वर्षों के बेदाग रिकॉर्ड को देखते हुए यह फैसला लिया गया।

युवाओं के लिए प्रेरणा

अब तक अधिकतर अधिकारी नायब तहसीलदार से प्रमोशन पाकर अधिकतम अपर कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर तक पहुंचकर सेवानिवृत्त हो जाते थे। लेकिन पंचभाई ने यह मिथक तोड़ दिया कि छोटी पोस्ट से शुरुआत करने वाला अफसर भी आईएएस तक पहुंच सकता है। वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की यह सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखते हैं।

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