आजादी के बाद किस राज्य ने देश को दिए सबसे ज्यादा IAS अफसर? जानिए कौन बना ‘IAS पावरहाउस’
डेस्क टीम. देश में लाखों युवाओं का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर देश की सेवा करना होता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी UPSC परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही उम्मीदवारों को मिलती है। ऐसे में एक सवाल अक्सर उठता है कि आखिर आजादी के बाद देश को सबसे ज्यादा IAS अधिकारी किस राज्य ने दिए हैं?
उत्तर प्रदेश बना देश का ‘IAS हब’
उपलब्ध आंकड़ों और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश को सबसे अधिक IAS अधिकारी देने वाले राज्यों में शीर्ष पर माना जाता है। बड़ी आबादी, शिक्षा का मजबूत आधार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बढ़ता माहौल इसकी प्रमुख वजहें मानी जाती हैं।

इन राज्यों का भी रहा बड़ा योगदान
उत्तर प्रदेश के बाद कई राज्यों ने भी बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं। इनमें बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश प्रमुख हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार पिछले दशकों में यूपी, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों का UPSC में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है।
सफलता के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार इन राज्यों से अधिक संख्या में IAS अधिकारी निकलने के पीछे कई कारण हैं:

- बड़ी जनसंख्या और ज्यादा अभ्यर्थी
- UPSC को लेकर मजबूत तैयारी संस्कृति
- कोचिंग और अध्ययन संसाधनों की उपलब्धता
- प्रशासनिक सेवाओं को लेकर युवाओं में आकर्षण
- परिवार और सामाजिक स्तर पर प्रोत्साहन
IAS बनने का सपना अब छोटे शहरों तक पहुंचा
पहले जहां बड़े शहरों के अभ्यर्थियों का दबदबा माना जाता था, वहीं अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार UPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन शिक्षा ने तैयारी के तरीके को भी बदल दिया है।
हर साल लाखों, लेकिन सफल कुछ हजार
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं, लेकिन अंतिम चयन सूची में सीमित उम्मीदवार ही जगह बना पाते हैं। इसी वजह से IAS सेवा को देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में शामिल किया जाता है।










