CG-प्रश्नपत्र लीक मामले में CM साय सख्त, बोले- परीक्षा की शुचिता से समझौता नहीं; दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

रायपुर, 21 अगस्त 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने के साथ ही तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1200 विद्यार्थी हुए थे प्रभावित
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। इसमें प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। अब यह परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
पांच सदस्यीय समिति करेगी पूरे मामले की जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और परीक्षा में इस्तेमाल किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया, किस माध्यम से प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच किन-किन लोगों तक हुई।
मामले की तकनीकी जांच में पुलिस के साथ साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रश्नपत्र प्रसारित करने वाले व्यक्ति या पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
CM साय बोले- दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को लेकर पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ काम कर रही है। भर्ती परीक्षाओं से लेकर शैक्षणिक परीक्षाओं तक हर प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य सर्वोपरि है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और प्रश्नपत्र लीक होने की पूरी कड़ी को सामने लाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किसने इसे प्रसारित किया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, इसकी पूरी जांच की जाएगी। दोषी व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने को कहा गया है।
सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि किसी भी अनियमितता के कारण मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित प्रभावित न हों और परीक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों व अभिभावकों का विश्वास पूरी तरह कायम रहे।
