रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ का बड़ा तोहफा! महतारी वंदन की 30वीं किस्त ने दोगुनी की बहनों की खुशी
राखी से लेकर घर-गृहस्थी तक का सहारा बनी ₹1000 की मासिक मदद, वृंदावती और सोनम बोलीं—‘मुश्किल वक्त में अपने फैसले लेने का मिला हौसला’

रायपुर, 21 अगस्त 2026। रक्षाबंधन से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त पहुंची तो त्योहार की खुशियां और बढ़ गईं। नियमित आर्थिक सहायता अब महिलाओं के लिए सिर्फ घरेलू जरूरतों का सहारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक फैसले लेने के आत्मविश्वास का आधार भी बन रही है।
रायगढ़ की वृंदावती सिदार और बिलासपुर की सोनम साहू के लिए इस बार महतारी वंदन की किस्त खास रही। दोनों ने बताया कि रक्षाबंधन से पहले खाते में आई राशि से उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी खरीदी और त्योहार की तैयारियां कीं।
‘भाई की कलाई पर राखी और दिल में आत्मनिर्भरता’
रायगढ़ की वृंदावती सिदार बताती हैं कि योजना से हर महीने मिलने वाली राशि से उन्हें घर की छोटी-बड़ी जरूरतों में काफी मदद मिलती है। बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घरेलू खर्चों के बीच यह राशि लगातार सहारा बनी हुई है।
इस बार 30वीं किस्त मिलते ही उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी खरीदी। वृंदावती का कहना है कि भाई की कलाई पर राखी बांधते वक्त उन्हें इस बात की खुशी भी होगी कि अपनी जरूरतों और त्योहार की तैयारियों के लिए उन्हें किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ा।
रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ का उपहार
बिलासपुर की सोनम साहू के लिए भी 30वीं किस्त रक्षाबंधन की खुशियां लेकर आई। उन्होंने बताया कि खाते में राशि आने से वह भाई के लिए राखी खरीदने के साथ त्योहार की दूसरी तैयारियां भी कर पा रही हैं।
सोनम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रक्षाबंधन जैसे खास मौके से पहले आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए ‘विष्णु भैया के उपहार’ जैसा है।
सिर्फ ₹1000 नहीं, महिलाओं के लिए बढ़ता आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता का असर महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई दे रहा है। कई महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, राशन और घरेलू जरूरतों के साथ त्योहारों की तैयारियों में कर रही हैं।
इस आर्थिक मदद से छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परिवार के दूसरे सदस्यों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल रही है। महिलाओं का कहना है कि अब वे अपनी जरूरतों को लेकर खुद निर्णय लेने और परिवार के खर्चों में योगदान देने में अधिक सक्षम महसूस करती हैं।
राखी के धागे के साथ आर्थिक मजबूती का भरोसा
वृंदावती और सोनम जैसी महिलाओं के लिए महतारी वंदन की 30वीं किस्त सिर्फ खाते में आई रकम नहीं है। यह उनके लिए सम्मान, आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ी है।
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर बंधने वाली राखी इस बार बहनों के लिए एक और संदेश लेकर आई है—स्नेह के इस रिश्ते के साथ अब आर्थिक आत्मनिर्भरता का भरोसा भी मजबूत हो रहा है।
