TS सिंहदेव का सरकार पर तीखा हमला; सुशासन तिहार सिर्फ दिखावटी, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस करेगी आक्रामक रुख
बलौदा बाजार, 11 जून 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार को उस समय गर्मी बढ़ गई जब पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता T. S. Singh Deo ने राज्य सरकार पर खुलकर तीखा हमला बोला। बलौदा बाजार दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने सुशासन तिहार से लेकर किसानों की समस्याओं और केंद्र सरकार की कृषि नीतियों तक पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
“सुशासन तिहार जनता को गुमराह करने का प्रयास”
सिंहदेव ने कहा कि सुशासन केवल कुछ दिनों के कार्यक्रम या अभियान से नहीं चलता, बल्कि यह पूरे साल की प्रशासनिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सीमित समय के कार्यक्रम चलाकर जनता को यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि समस्याओं का समाधान हो रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं।

उन्होंने कहा—“अगर सरकार सच में सुशासन चाहती है तो उसे लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना होगा, न कि केवल तिहार और कार्यक्रमों तक इसे सीमित रखना चाहिए।”
किसानों पर संकट, खाद-बीज व्यवस्था पर सवाल
किसानों की स्थिति को लेकर सिंहदेव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर जिस तरह की कोटा आधारित और सीमित वितरण व्यवस्था चल रही है, वह किसानों के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रही है।

उन्होंने आशंका जताई कि इस व्यवस्था से बाजार में कालाबाजारी और कृत्रिम कमी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान छोटे और मध्यम किसानों को होगा।
“कृषि नीति में गंभीर खामियां”
सिंहदेव ने केंद्र की कृषि नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश अभी भी बड़ी मात्रा में उर्वरकों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से वैकल्पिक और आत्मनिर्भर व्यवस्था तैयार करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
कांग्रेस का आक्रामक रुख तय
बलौदा बाजार दौरे के दौरान सिंहदेव ने साफ संकेत दिए कि कांग्रेस अब किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर और आक्रामक रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खाद-बीज संकट, ग्रामीण समस्याएं और प्रशासनिक विफलताओं को कांग्रेस प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
सिंहदेव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे जनता की आवाज बता रही है, वहीं सत्तापक्ष से पलटवार की संभावना भी बढ़ गई है।









