LIVE UPDATE
Trending

CG-भाजपा कोर ग्रुप में बड़ा बदलाव! ओपी चौधरी और अमर अग्रवाल की एंट्री, कई दिग्गज हुए बाहर…संगठन में नई रणनीति के संकेत

चंचल शर्मा, रायपुर, 13 मई 2026. छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़ा राजनीतिक फेरबदल सामने आया है। पार्टी की रणनीतिक निर्णय लेने वाली कोर ग्रुप बैठक से इस बार कई वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं को बाहर रखा गया, जिससे संगठन के भीतर नई चर्चा और सियासी हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ भाजपा के कोर ग्रुप में हुए हालिया फेरबदल ने संगठन के भीतर नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। इस बदलाव को पार्टी की रणनीतिक पुनर्संरचना और आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।


कोर ग्रुप की स्थायी भूमिका और शीर्ष नेतृत्व

भाजपा के कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की मौजूदगी को स्वाभाविक माना जा रहा है। यह समूह संगठन और सरकार के बीच तालमेल और रणनीतिक निर्णयों का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

ये खबर भी पढ़ें…
CG News: बंगाल दौरे पर जाएंगे CM विष्णुदेव साय, नई BJP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
CG News: बंगाल दौरे पर जाएंगे CM विष्णुदेव साय, नई BJP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
May 8, 2026
CG News: आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पश्चिम बंगाल दौरे पर रहेंगे. वह 9 मई को पश्चिम बंगाल के नई भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.


ओपी चौधरी और अमर अग्रवाल की एंट्री से बढ़ा राजनीतिक महत्व

इस बार कोर ग्रुप में वित्त मंत्री ओपी चौधरी और बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल को शामिल किए जाने को बेहद अहम माना जा रहा है।

ओपी चौधरी को मुख्यमंत्री साय के मंत्रिमंडल में युवा और डायनमिक चेहरे के रूप में देखा जाता है। वित्त जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे चौधरी की कोर ग्रुप में मौजूदगी को संगठनात्मक फैसलों में उनकी बढ़ती भूमिका के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Bilaspur उपचुनाव अपडेट; कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, प्रत्याशी चयन पर खींचतान जारी, बैठकों का दौर हुआ शुरू
Bilaspur उपचुनाव अपडेट; कांग्रेस में सियासी हलचल तेज, प्रत्याशी चयन पर खींचतान जारी, बैठकों का दौर हुआ शुरू
May 12, 2026
बिलासपुर। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है।...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

वहीं अमर अग्रवाल की एंट्री को क्षेत्रीय संतुलन के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लखीराम अग्रवाल परिवार से आने वाले अमर अग्रवाल पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रहने के बाद उन्हें कोर ग्रुप में जगह देना राजनीतिक रूप से उनकी भूमिका को फिर से मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।


बिलासपुर संभाग का बढ़ा राजनीतिक प्रभाव

कोर ग्रुप में उपमुख्यमंत्री अरुण साव पहले से मौजूद हैं और अब अमर अग्रवाल की एंट्री के बाद बिलासपुर संभाग का प्रतिनिधित्व और मजबूत हो गया है। एक ही क्षेत्र से दो प्रमुख नेताओं की मौजूदगी को राजनीतिक संतुलन और रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
CG- मंत्री ने हटाया पायलट-फॉलो गार्ड; PM मोदी की अपील का असर, मंत्री ओपी चौधरी ने काफिले से हटाया पायलट-फॉलो गार्ड, पढ़िए FB पर क्या लिखा….
CG- मंत्री ने हटाया पायलट-फॉलो गार्ड; PM मोदी की अपील का असर, मंत्री ओपी चौधरी ने काफिले से हटाया पायलट-फॉलो गार्ड, पढ़िए FB पर क्या लिखा….
May 13, 2026
रायपुर, 13 मई 2026। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद छत्तीसगढ़ के वित्त, जीएसटी, आवास एवं पर्यावरण मंत्री OP...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.


लता उसेंडी और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को मिला संगठनात्मक प्रमोशन

पूर्व मंत्री लता उसेंडी और पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी को पहली बार कोर ग्रुप में शामिल किया गया है।

लता उसेंडी को संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाली नेता माना जाता है और उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर भी समय-समय पर चर्चा में रहता है।

वहीं डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद संगठन में अपनी सक्रियता बनाए रखी, उन्हें कोर ग्रुप में शामिल करना संगठनात्मक भरोसे और प्रमोशन के रूप में देखा जा रहा है।


अनुभवी नेताओं की अनुपस्थिति से बढ़ी सियासी चर्चा

कई वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है। इसे लेकर संगठन के भीतर संभावित पुनर्संरचना और नए नेतृत्व संतुलन की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चुनिंदा नेताओं की मौजूदगी, रणनीतिक बैठक

मंगलवार को हुई इस महत्वपूर्ण कोर ग्रुप बैठक में केवल चुनिंदा सदस्यों को ही आमंत्रित किया गया। माना जा रहा है कि यह बैठक आगामी प्रदेश कार्यसमिति और संगठनात्मक फैसलों से पहले रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोर ग्रुप की चयन प्रक्रिया में इस तरह के बदलाव संगठनात्मक रणनीति में नए दृष्टिकोण और नेतृत्व पुनर्संतुलन की ओर इशारा कर सकते हैं।

Related Articles