LIVE UPDATE

Breaking : बर्खास्त IPS संजीव भट्ट को उम्रकैद, न्यायिक हिरासत में मौत मामले में सजा….जानिए क्या है पूरा मामला

गुजरात के जामनगर कोर्ट ने हिरासत में मौत मामले में बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट और उनके सहयोगी को दोषी करार दिया है, कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है |

बता दें कि 1990 में जामनगर में भारत बंद के दौरान हिंसा हुई थी, बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट उस वक्त जामनगर के एएसपी थे, इस दौरान 133 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिनमें 25 लोग घायल हुए थे और आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था |

ये खबर भी पढ़ें…
CG-एक और लिफ्ट हादसा : IAS की पत्नी पिथालिया में फंसी, पहले करेंसी टॉवर में भी हो चुका है बड़ा हादसा
CG-एक और लिफ्ट हादसा : IAS की पत्नी पिथालिया में फंसी, पहले करेंसी टॉवर में भी हो चुका है बड़ा हादसा
May 1, 2026
रायपुर, 1 मई 2026। राजधानी रायपुर की बहुमंजिला कमर्शियल इमारतों में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर हालात चिंताजनक होते जा रहे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

न्यायिक हिरासत में रहने के बाद एक आरोपी प्रभुदास माधवजी वैश्नानी की मौत हो गई, भट्ट और उनके सहयोगियों पर पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप लगा था, इस मामले में संजीव भट्ट व अन्य पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन गुजरात सरकार ने मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी, 2011 में राज्य सरकार ने भट्ट के खिलाफ ट्रायल की अनुमति दे दी |

बुधवार (12 जून) को सुप्रीम कोर्ट ने संजीव भट्ट की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था. भट्ट ने याचिका में अपने खिलाफ हिरासत में हुई मौत के मामले में गवाहों की नए सिरे से जांच की मांग की थी. संजीव भट्ट गुजरात के बर्खास्त आईपीएस अफसर हैं, भट्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी |

ये खबर भी पढ़ें…
IAS अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल: पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल सचिव, रोक्तिमा यादव कोरिया कलेक्टर नियुक्त
IAS अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल: पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल सचिव, रोक्तिमा यादव कोरिया कलेक्टर नियुक्त
May 8, 2026
चंचल शर्मा, 08 मई 2026। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के कार्यभार में आंशिक संशोधन करते हुए...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

गुजरात हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमे के दौरान कुछ अतिरिक्त गवाहों को गवाही के लिए समन देने के उनके अनुरोध से इनकार कर दिया था, गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि निचली अदालत ने 30 साल पुराने हिरासत में हुई मौत के मामले में पहले ही फैसले को 20 जून के लिए सुरक्षित रखा है |

जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने गुजरात सरकार व अभियोजन पक्ष की दलील को माना कि सभी गवाहों को पेश किया गया था, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है. अब दोबारा मुकदमे पर सुनवाई करना और कुछ नहीं है, बल्कि देर करने की रणनीति है. भट्ट को बिना किसी मंजूरी के गैरहाजिर रहने व आवंटित सरकारी वाहन के दुरुपयोग को लेकर 2011 में निलंबित कर दिया गया था, इसके बाद 2015 में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया |

ये खबर भी पढ़ें…
आजादी के बाद किस राज्य ने देश को दिए सबसे ज्यादा IAS अफसर? जानिए कौन बना ‘IAS पावरहाउस’
आजादी के बाद किस राज्य ने देश को दिए सबसे ज्यादा IAS अफसर? जानिए कौन बना ‘IAS पावरहाउस’
May 14, 2026
डेस्क टीम.  देश में लाखों युवाओं का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर देश की सेवा करना होता...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles