छत्तीसगढ़ में ‘आवास क्रांति’: साय सरकार ने ढाई साल में पूरे किए 10.60 लाख मकान, देश में शीर्ष पर राज्य
गरीबों को पक्का आवास उनके सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर, 12 जून 2026। ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के मूल मंत्र के साथ छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास में जुटी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार अपनी पहली कैबिनेट के संकल्पों को धरातल पर उतारने में ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रही है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख 60 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
देश में नंबर-1 बना छत्तीसगढ़
वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में सबसे अधिक 6 लाख से ज्यादा आवास पूर्ण किए हैं। इतना ही नहीं, प्रतिदिन आवास निर्माण की रफ्तार के मामले में भी छत्तीसगढ़ देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान में राज्य में रोजाना 1600 से अधिक मकानों का निर्माण पूरा किया जा रहा है। इससे पहले, वर्ष 2025 में अप्रैल से अक्टूबर के बीच राज्य में प्रतिदिन करीब 2000 आवासों का निर्माण किया गया था।

पहली कैबिनेट का संकल्प और 26,908 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की कमान संभालने के अगले ही दिन अपनी पहली कैबिनेट बैठक में गरीबों के लिए 18 लाख आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था। इस महासंकल्प को युद्ध स्तर पर पूरा करने के लिए सरकार ने 26 हजार 908 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि उपलब्ध कराई है।
संकल्प में शामिल आवासों का वर्गीकरण:

पिछली सरकार के अपूर्ण आवास: 2 लाख 46 हजार 215
वर्ष 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची: 6 लाख 33 हजार 438

आवास प्लस सूची: 8 लाख 19 हजार 999
मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण आवास न्याय योजना): 47 हजार 090
इसके अतिरिक्त, वनांचल क्षेत्रों में पीएम जनमन योजना के तहत 33 हजार 601 और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत 15 हजार अतिरिक्त आवास भी बनाए जा रहे हैं। साथ ही “आवास प्लस 2.0-2024” के तहत कच्चे मकान वाले गरीबों का सर्वे कर नए आवासों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
महिला सशक्तिकरण और डिजिटल तकनीक का मिला साथ
इस महाभियान को गति देने में महिला स्वसहायता समूहों की ‘डीलर दीदी’ और ‘रानी मिस्त्री’ ने बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे हजारों महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं। इसके अलावा, गांवों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से होने वाले त्वरित वित्तीय लेन-देन ने भी आवास निर्माण की रफ्तार को बढ़ाने में मदद की है।
“यह केवल मकान नहीं, गरीबों के सम्मान और सुरक्षा की नींव है” — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रहे हैं। ढाई वर्ष में 10 लाख 60 हजार से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण होना इसी जनविश्वास का परिणाम है। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है। हम सब मिलकर समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं।










