सावन में रुद्राभिषेक का क्या महत्व है, जानें घर में कैसे करें रुद्राभिषेक


सावन के महीना को सबसे पवित्र महीना माना जाता है, ऐसा कहा जाता है सावन का महीना भगवन शिव का प्रिय महीना है, और इस सावन के महीने में रुद्राभिषेक का खास महत्व होता है। भगवान शिव को रुद्राभिषेक बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ का सावन में रुद्राभिषेक करने से इंसान के सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं। सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है. आइए जानते हैं सावन में रुद्राभिषेक करने का धार्मिक लाभ, विधि

रुद्राभिषेक का अर्थ
रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। भगवान शिव को रुद्र भी कहा जाता है। अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना। इस तरह रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान शिव का अभिषेक करना। इसीलिए शिव पूजा में रुद्राभिषेक जरूर किया जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

सावन में रुद्राभिषेक का महत्‍व
सावन में रुद्राभिषेक करवाने के लाभ सावन में रुद्राभिषेक करवाने का महत्‍व सबसे खास माना जाता है। सावन के पूरे महीने में भगवान शिव प्रसन्‍न मुद्रा में रहते हैं, इसलिए इस समय में रुद्राभिषेक करवाना सबसे अच्‍छा माना जाता है। सावन में घर पर रुद्राभिषेक करवाना सबसे शुभ माना जाता है। अगर आप अपने घर पर इसका आयोजन नहीं कर सकते तो मंदिर में करवाना भी उत्‍तमफलदायी माना जाता है।

रुद्राभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री
रुद्राभिषेक के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में मुख्य रूप से जल, दूध, घी, दही, शहद, सुगंध, धूप, दीप, पुष्प, बेलपत्र, रुद्राक्ष, माला, कुश आदि शामिल हैं।

Sawan 2024 Date: इस साल 29 दिन के होगा सावन, बरसेगी शिव कृपा, जानिए तिथि और महत्व

घर में कैसे करें रुद्राभिषेक
सावन सोमवार पर आप मंदिर या घर पर भी शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
रुद्राभिषेक से पूर्व भगवान गणेश, माता पार्वती, ब्रह्मदेव, मां लक्ष्मी, नवग्रह, पृथ्वी माता, अग्नि देव, सूर्य देव और मां गंगा का ध्यान कर उनकी पूजा करें.
जो लोग रुद्राभिषेक कर रहे हैं उनका मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए.
श्रृंगी (अभिषेक करने का यंत्र) में गंगाजल डालकर शिवलिंग पर अर्पित करें. इस दौरान ऊं नम: शिवाय मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
अब दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, इत्र महादेव को चढ़ाएं.
अब सफेद चंदन का लेप बनाकर शिवलिंग का श्रृंगार करें.
शिव को प्रिय वस्तु पान का पत्ता, अक्षत, अबीर, सुपारी, बेलपत्र, रोली, मौली, भांग, जनेऊ, धतूरा, आक के फूल, भस्म, नारियल आदि उन्हें अर्पित करें और भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं.
अंत में आरती करें और अभिषेक के जल को पूरे घर में छिड़क दें

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

शिवलिंग न होने पर कैसे करें रुद्राभिषेक
शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करना सबसे उत्तम माना गया है। यदि आप रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो मंदिर में स्थित शिवलिंग पर भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं। यदि आपने घर में शिवलिंग स्थापित कर रखा है तो भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है। यदि घर में शिवलिंग न हो तो आप अंगूठे को शिवलिंग का स्वरूप मानकर उसका अभिषेक भी कर सकते हैं।

Hariyali Teej 2024 Date : इस साल इस दिन मनाई जाएगी हरियाली तीज….जानें तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त

रुद्राभिषेक के लिए सावन के ये 7 दिन हैं सबसे खास
यूं तो सावन का पूरा महीना ही रुद्राभिषेक के लिए खास माना जाता है। लेकिन सावन में रुद्राभिषेक के लिए सभी सोमवार, सावन की शिवरात्रि और नागपंचमी का दिन सबसे खास माना गया है। मान्‍यता है कि इन खास दिनों पर रुद्राभिषेक करने से आपकी एक नहीं बल्कि 18 प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आपके जीवन से सभी प्रकार के कष्‍ट दूर होते हैं।

 

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp