Surajpur Double Murder: हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला, कुलदीप साहू समेत 3 को फांसी; चौथे को उम्रकैद
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह को भी मृत्युदंड; 11 वर्षीय बच्ची समेत दोहरे हत्याकांड ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था

सूरजपुर, 8 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी के दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को सजा का ऐलान कर दिया। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। वहीं चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। फांसी की सजा पाने वाले अन्य दो दोषियों में चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह शामिल हैं।
करीब दो साल पहले हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था। मामले में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर शवों को ठिकाने लगाने का प्रयास किए जाने के आरोप लगे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद गुरुवार, 8 अक्टूबर को अदालत ने सजा की मात्रा पर फैसला सुनाया।
तीन दोषियों को मृत्युदंड
अदालत के फैसले के मुताबिक मुख्य आरोपी कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई है। वहीं आर्यन विश्वकर्मा को उम्रकैद की सजा मिली है।
इस फैसले के साथ ही करीब दो साल से चले आ रहे इस चर्चित मामले में ट्रायल कोर्ट की सुनवाई का अहम चरण पूरा हो गया है। हालांकि मृत्युदंड की सजा के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी लागू होती है।
दोषी ठहराए जाने के बाद कुलदीप की तस्वीर हुई थी वायरल
इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू की एक तस्वीर भी चर्चा में आई थी। अदालत परिसर से बाहर लाए जाने के दौरान उसके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे रही थी।
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। हालांकि अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब सजा का ऐलान कर दिया है।
अब आगे क्या?
फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा तीन दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। मृत्युदंड की सजा के खिलाफ अपील और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इस फैसले ने प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में रहे इस दोहरे हत्याकांड को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
