स्कूल में महिला कर्मी का यौन शोषण: नौकरी से हटाने के नाम पर फादर ने कई बार किया दुष्कर्म, गर्भपात की दवा से बिगड़ी तबियत

CGNews24/DeskNews. झारखंड के गोड्डा जिले से महिला के यौन शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के तिलाबाद पंचायत स्थित मिशनरी स्कूल में काम करने वाली एक आदिवासी महिला ने स्कूल के फादर थॉमस सोरेन पर दुष्कर्म, धमकी और जबरन गर्भपात की दवा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला का आरोप है कि उसे स्कूल में रसोइया की नौकरी दी गई थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर नौकरी से निकालने और उसके बच्चों को स्कूल से बाहर करने की धमकी देकर कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के मुताबिक, विरोध करने पर उसके और उसके पति दोनों के रोजगार पर संकट खड़ा करने की धमकी दी जाती थी।
गर्भवती होने पर गर्भपात की दवा देने का आरोप
शिकायत के अनुसार, कथित यौन शोषण के दौरान महिला गर्भवती हो गई। जब उसने इसकी जानकारी आरोपी को दी तो उसने कथित तौर पर गर्भपात की दवा दी और चुप रहने का दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि दवा लेने के बाद उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और तबीयत बिगड़ गई।
हालात बिगड़ने पर महिला ने अपने पति को पूरी घटना बताई। इसके बाद मामला सामने आया और पीड़िता ने न्याय के लिए महिला आयोग की पूर्व सदस्य ममता कुमारी से संपर्क किया। शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद सुंदरपहाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पति को बाहर भेजकर शोषण करने का भी आरोप
महिला की शिकायत के मुताबिक, वह अपने पति के साथ रोजगार की तलाश में सुंदरपहाड़ी पहुंची थी। दोनों को मिशन स्कूल में रसोई से जुड़ा काम मिला था। महिला का आरोप है कि आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर उसके पति को बाहर भेज देता था और फिर उसके साथ जबरदस्ती करता था। शिकायत में स्कूल के कमरे और कार्यालय में भी दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया गया है।
कुछ रिपोर्टों में महिला की ओर से इलाज के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और अस्पताल में उपचार की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड, अन्य साक्ष्यों और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश की खबर
सुंदरपहाड़ी थाना प्रभारी विधान चंद्र पटेल ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है। एक नवंबर की रिपोर्ट में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने की जानकारी दी गई थी। दो नवंबर को प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में आरोपी की तलाश में छापेमारी किए जाने और उसके फरार होने की बात कही गई है। पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है।
महिला आयोग की पूर्व सदस्य ममता कुमारी ने गोड्डा एसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोप गंभीर हैं और पुलिस को निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाना चाहिए।
फिलहाल, मामला प्राथमिकी और शिकायत में लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। आरोपी का पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस जांच, मेडिकल साक्ष्य और अन्य तथ्यों से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
