Raipur Cyber Fraud: BOI का फर्जी APK भेजकर बुजुर्ग का मोबाइल हैक, खाते-क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹5.32 लाख

रायपुर | 8 अक्टूबर 2026. राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। समता कॉलोनी इलाके में 66 वर्षीय बुजुर्ग को बैंक ऑफ इंडिया (BOI) का फर्जी लोगो लगाकर भेजे गए WhatsApp मैसेज के जरिए ठगी का शिकार बनाया गया। जालसाजों ने एक फर्जी APK फाइल का लिंक भेजकर मोबाइल तक पहुंच बनाई और इसके बाद बैंक खाते तथा क्रेडिट कार्ड से कुल ₹5,32,990 की रकम निकाल ली। मामले में आजाद चौक थाना पुलिस ने BNS की धारा 318(4) और IT Act की धारा 66D के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महेश कुमार अग्रवाल (66) के WhatsApp नंबर पर 26 सितंबर की शाम करीब 4 बजे एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया।
मैसेज भेजने वाले WhatsApp अकाउंट की DP पर बैंक ऑफ इंडिया का लोगो लगा हुआ था। संदेश में दावा किया गया कि सीनियर सिटीजन के लिए सरकारी या बैंक योजनाओं का लाभ लेने के लिए दी गई फाइल पर क्लिक करें। सीनियर सिटीजन होने के कारण बुजुर्ग ने मैसेज पर भरोसा किया और करीब शाम 5 बजे लिंक पर क्लिक कर दिया।
एक क्लिक और मोबाइल जालसाजों के कब्जे में
शिकायत के मुताबिक, लिंक पर क्लिक करने के बाद बुजुर्ग का मोबाइल फोन कथित तौर पर जालसाजों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद रिमोट एक्सेस के जरिए उनके बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बनाकर लेनदेन शुरू किए गए। कुछ ही घंटों के भीतर खाते और क्रेडिट कार्ड से लगातार ट्रांजेक्शन किए गए।
पहले खाते से ₹50 हजार, फिर क्रेडिट कार्ड से ₹4.82 लाख
जालसाजों ने बैंक ऑफ इंडिया की जय स्तंभ चौक शाखा, रायपुर से जुड़े सेविंग्स अकाउंट से ₹5,000 के 10 ट्रांजेक्शन किए। इस तरह खाते से कुल ₹50,000 निकाल लिए गए।
इसके बाद उसी सेविंग्स अकाउंट से लिंक बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से 9 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ₹4,82,990 की रकम निकाल ली गई। इस तरह कुल ऑनलाइन ठगी की रकम ₹5,32,990 पहुंच गई।
3 घंटे में 1930 पर शिकायत, वापस आए ₹1.62 लाख
घटना के बाद परिजनों ने तेजी दिखाई और करीब 3 घंटे के भीतर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
समय पर शिकायत किए जाने का फायदा भी मिला। क्रेडिट कार्ड से निकाली गई ₹4,82,990 की रकम में से ₹1,62,280 वापस क्रेडिट कार्ड में री-क्रेडिट हो चुकी है।
हालांकि अभी भी ₹3,70,710 की रकम वापस नहीं आई है। पुलिस अब अज्ञात आरोपियों की पहचान और रकम की रिकवरी के लिए जांच कर रही है।
सीनियर सिटीजन खास तौर पर रहें सावधान
इस घटना से एक बार फिर साफ है कि साइबर ठग बैंक का लोगो, नाम और सरकारी योजनाओं का लालच देकर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
किसी भी बैंक, सरकारी योजना या सीनियर सिटीजन लाभ के नाम पर WhatsApp से भेजी गई APK फाइल या अनजान लिंक पर क्लिक न करें। बैंकिंग जानकारी, OTP, कार्ड डिटेल या मोबाइल का रिमोट एक्सेस किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि शुरुआती समय में शिकायत होने पर रकम को रोकने या वापस कराने की संभावना बढ़ सकती है।
