Meat Shop Closed: रायपुर-दुर्ग में मांस बिक्री पर बैन, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, सील की जाएगी दुकान
Meat Shop Closed: कबीर जयंती के मौके पर आज 29 जून को राजधानी रायपुर और दुर्ग में मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी. नगर निगम ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए शहर की सभी मांस-मटन दुकानों और बूचड़खानों को एक दिन के लिए बंद रखने के निर्देश दिए हैं.
संत कबीर जयंती के अवसर पर सोमवार 29 जून को राजधानी रायपुर और दुर्ग में मीट-मटन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नगर निगम प्रशासन ने आदेश जारी कर निगम क्षेत्र की सभी मांस-मटन दुकानों, बूचड़खानों और इससे जुड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एक दिन के लिए बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से मांस की बिक्री करते पाए जाने पर सामान जब्त करने के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
रायपुर में पूरे दिन रहेगा प्रतिबंध
रायपुर नगर निगम के आदेश के मुताबिक 29 जून को निगम क्षेत्र में कहीं भी मीट और मटन की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। इसके पालन के लिए सभी जोन में स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध केवल मीट दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी लागू होगा, जहां मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है।
दुर्ग में भी जारी हुए निर्देश
रायपुर की तरह दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में भी कबीर जयंती के अवसर पर सभी मीट की दुकानें और बूचड़खाने बंद रहेंगे। यह आदेश राज्य शासन के स्थानीय शासन विभाग के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि निर्धारित दिन पशु वध, मांस की बिक्री और इससे संबंधित अन्य गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने सभी मीट व्यापारियों और दुकान संचालकों से आदेश का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार पूरे दिन विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं प्रतिबंध के बावजूद मांस की बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित जोन कार्यालय या निगम प्रशासन को दें।



