आधी रात छापा… दुर्ग के इस लॉज से आ रही थी लड़कियों की आवाजें, चल रहा था देह व्यापार, पुलिस ने संचालक समेत 3 को दबोचा
दुर्ग, 29 जून 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में पुलिस ने देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र के इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लॉज संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मौके से तीन युवतियों को भी बरामद किया गया। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के बाद युवतियों को मुक्त कर दिया।
दुर्ग नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मेहर ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जलाराम लॉज में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर डीएसपी क्राइम, महिला पुलिस अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने लॉज में दबिश दी। छापेमारी के दौरान अलग-अलग कमरों में तीन जोड़ों को आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि लॉज संचालक विजय गुजराती पिछले करीब पांच महीने से कथित तौर पर देह व्यापार का संचालन कर रहा था। पुलिस के अनुसार, लॉज में हर व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं लोगों को कमरे उपलब्ध कराए जाते थे, जिनके मोबाइल नंबर पहले से दर्ज या परिचित थे। इससे पुलिस को संदेह है कि पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
तीन युवतियां मिलीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार छोड़ा गया
छापेमारी के दौरान पुलिस को तीन युवतियां मिलीं, जिनमें दो खुर्सीपार और एक राजनांदगांव की रहने वाली बताई गई हैं। पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार मानव तस्करी या देह व्यापार से जुड़े मामलों में पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशीलता बरतने के निर्देश हैं। इसी के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवतियों को छोड़ दिया गया।
संचालक समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में लॉज संचालक विजय गुजराती के अलावा दो ग्राहकों तमाशा कुमार और नारायण देशमुख को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लॉज का रजिस्टर, मोबाइल फोन, आपत्तिजनक सामग्री और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, लॉज के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे तथा यह गतिविधि कब से संचालित की जा रही थी।



