बिलासपुर में नकली ऑटो पार्ट्स का बड़ा खेल! ब्रांडेड कंपनी के नाम पर बेच रहे थे डुप्लीकेट माल, दुकान संचालक पर FIR

बिलासपुर। शहर में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर कथित तौर पर नकली ऑटो पार्ट्स बेचने का मामला सामने आया है। मगरपारा रोड स्थित बोल बम ऑटो पार्ट्स में यूनो मिंडा कंपनी के नाम पर डुप्लीकेट सामान बेचने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी, ट्रेडमार्क उल्लंघन और कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अनुज प्रसाद चौरसिया के रूप में हुई है। आरोप है कि उसकी दुकान से यूनो मिंडा के नाम पर कथित नकली हैंडल बार स्विच ग्राहकों को असली कंपनी का उत्पाद बताकर बेचे जा रहे थे।
कोलकाता की एजेंसी ने पकड़ा नकली माल का सुराग
मामले में कोलकाता की जांच एजेंसी EIPR India Private Limited के सीनियर अधिकारी शुभाशीष डे ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी एजेंसी को यूनो मिंडा कंपनी ने बाजार में नकली और डुप्लीकेट स्पेयर पार्ट्स की जांच करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है। कंपनी टू-व्हीलर वाहनों के स्पेयर पार्ट्स बनाती है और उसका ट्रेडमार्क पंजीकृत है।
मार्केट सर्वे में सामने आया मामला
शिकायत के मुताबिक, सोमवार को बिलासपुर में मार्केट सर्वे किया जा रहा था। इसी दौरान मगरपारा रोड स्थित बोल बम ऑटो पार्ट्स में यूनो मिंडा के नाम पर कथित नकली हैंडल बार स्विच बेचे जाने की जानकारी मिली।
आरोप है कि दुकान संचालक को सामान के डुप्लीकेट होने की जानकारी थी। इसके बावजूद इन्हें ब्रांडेड कंपनी का असली उत्पाद बताकर ग्राहकों को बेचा जा रहा था।
कंपनी के दस्तावेज पुलिस को सौंपे
शिकायत के साथ एजेंसी की ओर से यूनो मिंडा कंपनी द्वारा अधिकृत किए जाने से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए। शिकायतकर्ता ने कंपनी के प्रमाण-पत्र और कॉपीराइट रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के सामने प्रस्तुत किए। दस्तावेजों और शिकायत की जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
पुलिस ने आरोपी अनुज प्रसाद चौरसिया के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 347 और 349 के साथ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज किया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि कथित नकली ऑटो पार्ट्स कहां से मंगाए गए थे, उनकी सप्लाई चेन क्या थी और ब्रांडेड कंपनी के ट्रेडमार्क का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
नकली पार्ट्स से वाहन सुरक्षा पर भी सवाल
ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली ऑटो पार्ट्स की बिक्री का यह मामला सामने आने के बाद बाजार में बिक रहे स्पेयर पार्ट्स की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नकली पार्ट्स से ग्राहकों को आर्थिक नुकसान के अलावा वाहन की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद या बेचे जा रहे पार्ट्स वास्तव में नकली थे या नहीं और इस पूरे नेटवर्क में दुकान संचालक के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
