रायपुर में निगम का बड़ा एक्शन! 8 व्यावसायिक परिसर सील, लाखों के बकायादारों में मचा हड़कंप

रायपुर। लंबे समय से नगर निगम की बकाया राशि दबाकर बैठे बड़े बकायादारों पर अब निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक-8 के राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 1, 2 और 21 में 8 व्यावसायिक परिसरों को सीलबंद कर दिया। डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी होने के बावजूद भुगतान नहीं करने पर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलबंदी की कार्रवाई की। कार्रवाई शुरू होते ही कुछ बकायादारों ने मौके पर ही लाखों रुपये जमा कर दिए।
नोटिस के बाद भी नहीं भरा टैक्स, तो सील कर दिए कॉम्प्लेक्स
यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश पर अपर आयुक्त राजस्व लोकेश्वर साहू, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा और जोन-8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के निर्देश पर की गई।
सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल के मार्गदर्शन में राजस्व निरीक्षक राजेश मिश्रा तथा सहायक राजस्व निरीक्षक राकेश दुबे और शिवेन्द्र सिंह की टीम ने बकायादारों के खिलाफ अभियान चलाया।
वार्ड-1 में तीन परिसरों पर कार्रवाई
वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक-1 में तीन बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें ओमप्रकाश तिवारी पर 75,237 रुपये, सुरेंद्र सिंह पर 82,554 रुपये और राहुल धारीवाल पर 2,11,633 रुपये की राशि बकाया थी।
नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं करने पर तीनों के व्यावसायिक परिसरों को सीलबंद कर दिया गया।
5 लाख के बकायादार पर कार्रवाई शुरू होते ही जमा किए 2.63 लाख
पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक-2 में रामानंद अग्रवाल पर 5,02,813 रुपये की बकाया राशि थी। निगम की टीम जैसे ही सीलबंदी की कार्रवाई के लिए पहुंची, उन्होंने तत्काल 2,63,064 रुपये का आंशिक भुगतान कर दिया।
वहीं, 9,93,482 रुपये के बड़े बकायादार संतोषी देवी/रामनिवास के व्यावसायिक परिसर को भुगतान नहीं करने पर सीलबंद कर दिया गया।
8 दुकानों पर एक साथ लगा ताला
शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक-21 में रजिन्दर सिंह सब्बरवाल पर 1,68,613 रुपये की राशि बकाया थी। भुगतान नहीं करने पर उनके परिसर की आठ दुकानों को सीलबंद कर दिया गया।
इसी वार्ड में अनुराग विज पर 1,70,707 रुपये और तेजेन्द्र सिंह पर 90,984 रुपये बकाया था। निगम की सीलबंदी कार्रवाई शुरू होते ही दोनों ने मौके पर ही अपनी पूरी बकाया राशि का भुगतान धनादेश के माध्यम से कर दिया।
कार्रवाई का असर—मौके पर जमा हुए 5.24 लाख रुपये
नगर निगम के अनुसार, अभियान के दौरान दो लाख रुपये से अधिक के बकायादारों समेत अन्य बड़े बकायादारों से कुल 5 लाख 24 हजार 171 रुपये की बकाया राशि वसूल की गई।
निगम ने साफ कर दिया है कि लंबे समय से कर एवं अन्य राजस्व राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ सीलबंदी समेत सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निगम के इस एक्शन से साफ है—नोटिस के बाद भी बकाया नहीं चुकाया तो अगला कदम सीधे ताला और सील होगा।
