ढाई साल बाद बदली CM की गाड़ी: फार्च्यूनर हटाकर स्कॉर्पियो शामिल, ये है वजह


रायपुर, 11 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब तक इस्तेमाल की जा रही टोयोटा फार्च्यूनर की जगह नई स्कॉर्पियो गाड़ियों को शामिल किया गया है। शनिवार को जब मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो उनके काफिले में एक साथ कई नई स्कॉर्पियो नजर आईं, जिसे देखकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी हैरान रह गए।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री के काफिले में एक-दो नहीं बल्कि कुल 6 नई स्कॉर्पियो गाड़ियों को शामिल किया गया है। ये सभी गाड़ियां बुलेटप्रूफ हैं और सुरक्षा के लिहाज से आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। मुख्यमंत्री अब इन्हीं गाड़ियों में सफर करेंगे।

दरअसल, मुख्यमंत्री साय अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में खरीदी गई फार्च्यूनर गाड़ियों का उपयोग कर रहे थे। लेकिन समय के साथ इन गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं सामने आने लगी थीं। कई बार रास्ते में गाड़ियां बंद होने जैसी दिक्कतें भी सामने आईं, जिससे सुरक्षा और सुचारू संचालन प्रभावित हो रहा था।

इस बदलाव को लेकर जब मुख्यमंत्री से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि पुरानी गाड़ियां अब ठीक से काम नहीं कर रही थीं। इसी वजह से नई गाड़ियों को शामिल करने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से गाड़ियों को बदलने की प्रक्रिया चल रही थी, जिसे अब अमल में लाया गया है।

इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ जहां इसे सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा जरूरी कदम बताया जा रहा है, वहीं “मेड इन इंडिया” स्कॉर्पियो को प्राथमिकता देने को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री साय के काफिले में यह बदलाव न केवल तकनीकी जरूरतों के चलते हुआ है, बल्कि सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें
होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp