भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से फिर झटका! विजय बघेल की चुनाव याचिका खारिज करने की अर्जी नामंजूर, अब आगे बढ़ेगा ट्रायल

बिलासपुर | 17 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस आदेश के बाद चुनाव याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह मामला विजय बघेल बनाम भूपेश बघेल के रूप में हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों में भी याचिका की सुनवाई और मुद्दों के निर्धारण का रिकॉर्ड दर्ज है।
2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल और विजय बघेल आमने-सामने थे। चुनाव परिणाम के बाद विजय बघेल ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की।
याचिका में मुख्य रूप से चुनाव प्रचार की निर्धारित 48 घंटे की अवधि से जुड़े कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता की ओर से आरोप है कि मतदान से पहले प्रतिबंधित अवधि में चुनाव क्षेत्र में रैली/रोड शो और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियां हुईं। इन आरोपों की सत्यता और चुनाव परिणाम पर उनके प्रभाव का निर्धारण साक्ष्य के आधार पर होना है।
आदेश 7 नियम 11 के तहत क्या मांग थी?
भूपेश बघेल की ओर से CPC के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन देकर चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त करने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस तरह की आपत्तियों को इस स्तर पर खारिज करते हुए माना कि याचिका में ऐसे तथ्य मौजूद हैं जिन पर साक्ष्य के आधार पर सुनवाई की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की स्वीकार्यता, आरोपों का प्रमाण और अन्य तथ्यात्मक आपत्तियां ट्रायल के दौरान तय की जा सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है राहत नहीं देने का आदेश
इस विवाद में भूपेश बघेल की ओर से मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। 7 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस रुख में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसके तहत चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने से मना किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि कथित उल्लंघन का चुनाव परिणाम पर वास्तविक प्रभाव पड़ा या नहीं, यह साक्ष्य के आधार पर तय किया जाना है।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद विजय बघेल की चुनाव याचिका इस स्तर पर खत्म नहीं होगी। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। पक्षकारों के साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य कानूनी पहलुओं की सुनवाई के बाद अदालत चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े कानूनी सवालों पर फैसला करेगी।
महत्वपूर्ण: आज के आदेश का अर्थ यह नहीं है कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप अदालत ने सिद्ध मान लिए हैं। फिलहाल अदालत ने मामले को प्रारंभिक स्तर पर खत्म करने की मांग स्वीकार नहीं की है; आरोपों और उनके प्रभाव का अंतिम निर्धारण आगे की कार्यवाही में होगा।
