शिक्षाकर्मियों के संविलियन पर लगी कैबिनेट की मुहर!….8 साल पूरा करने वाले शिक्षाकर्मियों का 1 जुलाई से होगा संविलियन…इतने रुपए तक तनख्वा में होगी बढ़ोत्तरी


छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के लिए अच्छी खबर है. रमन कैबिनेट ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग को मानते हुए प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, 1 जुलाई 2018 को आठ साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षाकर्मियों को संविलियन करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है |

कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रदेश में संविलियन चरणबद्ध तरीके से लागु किया जायेगा । पहले चरण में एक लाख 3 हजार शिक्षाकर्मियों को संविलियन के बाद वित्तीय लाभ की सौगात मिलने लगेगी, जबकि बचे शिक्षाकर्मियों में जैसे-जैसे 8 वर्ष पूरा करते जायेंगे उन्हें वित्तीय लाभ मिलने लगेगा ।  संविलियन के बाद सभी शिक्षाकर्मियों को नियमित शिक्षकों की भांति सांतवें वेतनमान के समान वेतनमान, भत्ता एवं साथ-साथ अन्य सुविधाएं जैसे अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति और ट्रांसफर की फैसलिटी मिलेगी ।

विलियन से शिक्षक संवर्ग के वेतन में प्रतिमाह लगभग रुपये 7 हजार से रुपये 12 हजार तक वृद्धि होगी, जिसके फलस्वरूप राज्य शासन पर लगभग 1 हजार 3 सौ 46 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा |

छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी संविलियन की मांग को लेकर लगातार सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़े थे, इस चुनावी साल में छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षाकर्मियों को तोहफा दिया है | सरकार ने संविलियन की मांग मान ली है. सरकार के इस फैसले से पहले चरण में करीब 1 लाख 3 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन होगा |

बता दें कि बीते दस जून को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर प्रवास पर था. इसी दौरान विकास यात्रा के कार्यक्रम में सीएम डॉ. रमन सिंह ने संविलियन करने की घोषणा कर दी थी. इसके बाद आज कैबिनेट में इस पर औपचारिक मुहर लग गई. एक आंकड़े के अनुसार संविलियन का लाभ मिलने पर शिक्षाकर्मियों के वेतन में 7 से 12 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी.

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp