IG जीपी सिंह के नेतृत्व में होगी अब अंतागढ़ टेपकांड की जांच….राज्य सरकार ने आधी रात जारी किया आदेश


प्रदेश की बहुचर्चित अंतागढ़ टेप कांड की जांच के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए आईजी आनंद छाबड़ा की जगह अब आईजी जीपी सिंह को अंतागढ़ टेपकांड की जांच टीम का प्रभारी बनाया गया है।

बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सरकार ने अंतागढ़ टेप कांड मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है, जिसके पहले प्रभारी रायपुर रेंज के आईजी आनंद छाबड़ा को बनाया गया था | देर रात सरकर ने जांच टीम में बदलाव करते हुए आईजी जीपी सिंह को अंतागढ़ टेपकांड की जांच टीम का जिम्मा सौपा गया |

बता दें कि बीते दिनों एसआईटी कि टीम ने टेपकांड के मास्टरमाइंड फिरोज सिद्दीकी और कथित आरोपी मंतूराम पवार से पूछ्ताछ की थी, पूछताछ के दौरान फिरोज सिद्दीकी ने बताया था कि अंतागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मंतुराम पवार को चुनाव मैदान से हटने के लिए 7 करोड़ रुपए में सौदेबाजी हुई थी, जिसमें करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए एक शख्स के माध्यम से मंतुराम पवार को भिजवाया गया था। इसके साथ ही फिरोज सिद्दीकी ने बताया था कि इस टेप कांड में कई दिग्गज नेता शामिल है |

बता दें कि 2015 में एक राष्ट्रीय अखबार में अंतागढ़ चुनाव में हुई खरीद-फरोख्त का खुलासा करने वाला टेप का बातचीत का कुछ कुछ अंश प्रकशित किया था, जिसमें पूर्व सीएम अजित जोगी, उनके बेटे अमित जोगी और पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता का बातचीत के अंश होने का दावा किया गया था। टेप में कथित तौर पर मंगतूराम को चुनाव में बिठाने के लिए 7 करोड़ के लेनदेन की बात थी। टेप सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने जांच की मांग कि थी पर उस समय इस पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी |

ये था पूरा मामला
साल 2014 में अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा चुनाव जीता, इसलिए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी छोड़ी सीट के लिए 12 सितंबर 2014 को अंतागढ़ में उप-चुनाव हुआ। चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के अलावा 13 उम्मीदवार मैदान में थे। पर नाम वापसी की समय सीमा गुजरने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मंगतूराम पवार ने चुनाव न लड़ने की घोषणा कर दी। मंगतूराम ने ऐसे समय मैदान छोड़ा, जब कांग्रेस दूसरा उम्मीदवार खड़ा नहीं कर सकती थी। इसलिए पार्टी ने एक निर्दलीय को समर्थन दिया। लेकिन भाजपा उम्मीदवार भोजराज नाग 50 हजार वोटों से जीत गए।

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