….विधायक के निधन की खबर सुन मुख्यमंत्री ने तय किया 2400 KM का सफर, पार्थिव शरीर देख छलक पड़े आंसू

नई दिल्ली: राजनीति के व्यस्त जीवन में कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं जो रिश्तों की गहराई को बयां कर देते हैं। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने आज कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया। थानलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे के निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाए और तुरंत 2400 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंच गए।
संघर्ष के बाद थमी सांसें
विधायक वुंगजागिन वाल्टे का शनिवार (20 फरवरी 2026) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 4 मई 2023 को मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के दौरान भीड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस हमले के बाद से ही वे पैरालिसिस (लकवा) और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। हाल ही में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद की सरकार ने ही उन्हें 8 फरवरी को एयरलिफ्ट कराकर दिल्ली भेजा था।
पार्थिव शरीर देख भावुक हुए मुख्यमंत्री
जैसे ही मुख्यमंत्री को अपने साथी विधायक के निधन की सूचना मिली, वे तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हुए। पार्थिव शरीर को देखते ही मुख्यमंत्री भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
एक समर्पित जननेता का अंत
कुकी-जो समुदाय का प्रतिनिधित्व: वाल्टे चुराचांदपुर जिले के थानलोन क्षेत्र से कुकी-जो समुदाय के एक कद्दावर नेता थे।
शांति की अपील: गंभीर रूप से घायल होने और लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के बावजूद, उन्होंने हमेशा समुदाय के बीच शांति और एकता की अपील की थी।
अटूट निष्ठा: वे मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाते थे और राज्य की राजनीति में उनकी एक विशेष पहचान थी।
राज्य में शोक की लहर
विधायक वाल्टे के निधन से मणिपुर की राजनीति और विशेषकर जनजातीय समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री खेमचंद ने इसे राज्य के लिए एक ‘अपूरणीय क्षति’ बताया है। विधायक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी है।









