दिल्ली रैली के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस को झटका, रेलवे ने स्पेशल ट्रेन देने से किया इनकार
1 नवंबर की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के लिए रायपुर से दिल्ली तक मांगी थी 15 कोच की स्पेशल ट्रेन; रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया, कांग्रेस ने केंद्र पर लगाए आरोप

रायपुर। दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस की तैयारियों को झटका लगा है। रायपुर से दिल्ली तक 15 कोच की स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने स्वीकार नहीं किया। रेलवे ने इस यात्रा के लिए 22,49,510 रुपये का अनुमानित खर्च तैयार किया था, लेकिन बाद में रेलवे बोर्ड की ओर से अधिसूचित प्रतिबंधित अवधि का हवाला देते हुए बुकिंग से इनकार कर दिया। अब कांग्रेस को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने होंगे।
कांग्रेस की योजना के मुताबिक, स्पेशल ट्रेन 30 अक्टूबर को शाम 7 बजे रायपुर से रवाना होकर 31 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचती। वापसी में 1 नवंबर की रात 8 बजे दिल्ली से रवाना होकर ट्रेन को 2 नवंबर को रायपुर लौटना था। इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने 24 अक्टूबर को रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर विशेष ट्रेन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था।
रेलवे ने प्रस्तावित यात्रा के लिए 22.49 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया, लेकिन यह बुकिंग की अंतिम स्वीकृति नहीं थी। बाद में रेलवे की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित तारीखें प्रतिबंधित अवधि के दायरे में आती हैं। इसी आधार पर विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया। रेलवे के पत्राचार में राजनीतिक कारणों का उल्लेख नहीं है।
रेलवे के फैसले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था नहीं होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मलकीत सिंह गैदू ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया रेलवे की ओर से ट्रेन की बुकिंग स्वीकार नहीं किए जाने के बाद आई है।
हालांकि, रेलवे ने अपने निर्णय के पीछे प्रतिबंधित अवधि का हवाला दिया है। ऐसे में ट्रेन उपलब्ध नहीं कराने के फैसले और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों को अलग-अलग देखना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्थापित नहीं होता कि रेलवे ने राजनीतिक दबाव में बुकिंग से इनकार किया।
15 कोच की ट्रेन से एक साथ दिल्ली पहुंचने की थी तैयारी
कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को एक साथ दिल्ली पहुंचाने के उद्देश्य से स्पेशल ट्रेन की मांग की थी। इससे समूह में यात्रा की व्यवस्था करने और आने-जाने के कार्यक्रम को व्यवस्थित रखने में आसानी होती। अब ट्रेन नहीं मिलने के कारण पार्टी को अलग-अलग माध्यमों से यात्रा की योजना बनानी होगी।
कांग्रेस के सामने नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता, बसों की व्यवस्था, निजी वाहनों और हवाई यात्रा जैसे विकल्प हैं। हालांकि, इन माध्यमों से यात्रा करने पर टिकटों की उपलब्धता, खर्च और समय का अलग-अलग हिसाब रखना होगा। रैली की तारीख नजदीक होने के कारण पार्टी के लिए समय पर परिवहन व्यवस्था करना भी चुनौती होगी।
कांग्रेस का कहना है कि स्पेशल ट्रेन नहीं मिलने के बावजूद उसके नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी की ओर से हजारों लोगों के रैली में शामिल होने की संभावना जताई गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ से जाने वाले प्रतिभागियों की अंतिम संख्या और उनके लिए किए गए वैकल्पिक इंतजामों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
1 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के जरिए कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ से भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसमें शामिल होना है। इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस ने रायपुर से दिल्ली तक विशेष ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे को दिया था।
रेलवे की ओर से बुकिंग से इनकार किए जाने के बाद अब कांग्रेस को अपने यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। पार्टी ने रैली में भागीदारी जारी रखने की बात कही है। दूसरी ओर, रेलवे की ओर से बताई गई प्रतिबंधित अवधि ही फिलहाल बुकिंग नहीं होने की आधिकारिक वजह है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस कितनी जल्दी वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तैयार करती है और छत्तीसगढ़ से कितने नेता व कार्यकर्ता 1 नवंबर की रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच पाते हैं।
