सुशासन तिहार में CM साय का ‘फैसला ऑन द स्पॉट’, मंच से अधिकारियों को किया सस्पेंड, कलेक्टरों को भी लगाई फटकार
CM Sai Suspends Assistant Commissioner: अगर अधिकारियों की लापरवाही के कारण लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा तो अब उनकी खैर नहीं है. गुरुवार को कोरिया में सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ये स्पष्ट संदेश अधिकारियों को दे दिया है. सीएम साय ने लापरवाही बरतने पर सहायक आयुक्त और कोरिया के नोडल अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. समीक्षा के दौरान अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की. इसके साथ ही जिला अधिकारी को भी हिदायत दी है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
CM ने किया ‘फैसला ऑन द स्पॉट’

गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सुसाशन तिहार के दौरान उन्होंन कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्र-चिरमिरी-भरतपुर का औचक निरीक्षण किया. अपने सौम्य और सरल व्यवहार की पहचान रखने वाले सीएम साय का अलग रूप देखने को मिला. कोरिया जिले में समीक्षा के दौरान कोरिया किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया. इस दौरान सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह के खिलाफ शिकायतें पाई गईं. जिसके बाद सीएम ने ऑन द स्पॉट फैसला करते हुए सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश सुना दिया. इसके अलावा खड़गंवा के जिल्दा समिति के प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया कल्लु प्रसाद मिश्रा पर भी गाज गिरी है. सीएम के इस सख्त रवैये को देखकर मौके पर मौजूद सभी अधिकारी सकते में आ गए.
‘पेयजल की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी’

मुख्यमंत्री साय ने जिलों में समीक्षा के बाद तीनों जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या ना होने पाए. अगर कहीं समस्या आती है तो फौरन उसका निस्तारण किया जाए. सीएम साय ने सख्त लहजे में हिदायत देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाई जाए. इसके साथ ही योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो. सीएम ने कहा कि अगर लापरवाही मिलती है तो जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि सीएम साय ने गुरुवार को चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से वर्चुअल समीक्षा बैठक की. इसमें मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव समेत तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और सीईओ जिला पंचायत भी मौजूद रहे.











