CG Politics: भूपेश-टीएस की कॉफी पर सियासत! ‘तपस्या’ वाले टिप्पणी के बाद फिर चर्चा में सिंहदेव, वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल
Ambikapur News: लंबे समय बाद टीएस सिंहदेव के कोठीघर पहुंचे भूपेश बघेल, कॉफी पर हुई मुलाकात; ‘तपस्या’ को लेकर दोनों नेताओं की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरों भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। बुधवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लंबे समय बाद अंबिकापुर स्थित टीएस सिंहदेव के निवास ‘तपस्या’ पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच कॉफी पर हुई मुलाकात के दौरान आत्मीय माहौल देखने को मिला। इस मुलाकात से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों नेता हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। शिविर से निकलने के दौरान टीएस सिंहदेव ने उन्हें कॉफी के लिए अपने घर आमंत्रित किया। उस वक्त बघेल शंकरगढ़ जाने के लिए रवाना हो रहे थे।
बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने पूछा कि उन्हें कहां आना है—‘तपस्या’? इस पर सिंहदेव ने मुस्कुराते हुए कहा, “‘तपस्या’ को तो बेच रहे हैं, कहां से काम चलेगा।”
‘तपस्या’ टीएस सिंहदेव के आवास का नाम है। दोनों नेताओं की इस बातचीत और मुस्कुराने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
शंकरगढ़ से लौटे तो सीधे सिंहदेव के घर पहुंचे बघेल
शाम को बलरामपुर से लौटने के बाद भूपेश बघेल टीएस सिंहदेव के निवास पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने साथ बैठकर कॉफी पी और बातचीत की। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत समेत कांग्रेस के अन्य नेता और समर्थक भी मौजूद रहे। लंबे समय बाद दोनों नेताओं की इस तरह की मुलाकात से कांग्रेस के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
वायरल वीडियो के बाद संपत्ति को लेकर भी चर्चा
‘तपस्या’ वाले बयान के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर टीएस सिंहदेव की संपत्ति और उनके चुनावी हलफनामों को लेकर भी चर्चाएं होने लगी हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि सिंहदेव की टिप्पणी का संबंध उनकी संपत्ति से था या यह केवल आवास के नाम को लेकर किया गया अनौपचारिक मजाक था।
क्या बोले थे सिंहदेव? किस ओर इशारा?
भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेदों की पृष्ठभूमि में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस मुलाकात से किसी नए राजनीतिक समीकरण या रणनीतिक बदलाव का निष्कर्ष निकालना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
