असम में भूपेश के काफिले पर पथराव से छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल! CM साय का तंज—‘पंजाब में भी विरोध, अब असम में भी वही हाल’

रायपुर, 22 सितंबर 2026। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर कथित पथराव के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। घटना के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हमला बताते हुए भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाए हैं, जबकि अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
सोमवार को नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान बघेल और गोगोई का काफिला समागुड़ी के बरमा इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान विरोध प्रदर्शन और काले झंडे दिखाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि काफिले की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचने और कांग्रेस नेताओं के घायल होने के दावे भी सामने आए हैं।
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। कांग्रेस नेताओं की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।
साय बोले—पंजाब के बाद अब असम में भी विरोध
घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल पर राजनीतिक तंज कसा। साय ने कहा कि बघेल को पहले पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, वहां भी उनके विरोध की स्थिति देखने को मिली थी। अब असम के प्रभारी के रूप में अपनी पहली यात्रा के दौरान भी विरोध का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की राजनीति और उसके चुनावी दावों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा करने में विफल रहती है। साय ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस को पहले ही नकार चुकी है।
कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दूसरी ओर कांग्रेस ने काफिले पर हुए कथित पथराव को गंभीर मामला बताया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसके बावजूद काफिले को निशाना बनाया गया।
कांग्रेस ने घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और चुनावी माहौल पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
असम की घटना का छत्तीसगढ़ में राजनीतिक असर
असम में हुई इस घटना ने छत्तीसगढ़ में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी है। एक तरफ कांग्रेस सुरक्षा व्यवस्था और कथित हमले को मुद्दा बना रही है, वहीं मुख्यमंत्री साय ने इसी घटना के बहाने भूपेश बघेल के राजनीतिक प्रभार को लेकर सवाल उठाया है।
नगांव लोकसभा उपचुनाव के बीच हुई इस घटना ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में काफिले पर पथराव की घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका सामने आती है और इस पर प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होती है।
