अपना घर, प्रीमियम लोकेशन और किफायती कीमत… हिमालयन हाइट्स ने जितेंद्र मेहता के सपने को दी नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम परिवारों के घर के सपने को साकार करने की पहल; हाउसिंग बोर्ड की परियोजना को निजी बिल्डरों के बराबर बता रहे रहवासी

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। अपने परिवार के लिए एक ऐसा घर, जहां सुकून हो, सुविधाएं हों और शहर की जरूरी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें—यह सपना हर मध्यमवर्गीय परिवार देखता है। लेकिन अच्छे लोकेशन पर सुविधायुक्त घर और वह भी किफायती कीमत पर मिलना अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है।
रायपुर के डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में रहने वाले जितेंद्र मेहता के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है। करीब दो साल पहले घर बुक करने का फैसला आज उनके लिए संतोष और खुशी का कारण है। बेहतर कनेक्टिविटी, शहर की प्रमुख सुविधाओं तक आसान पहुंच और आधुनिक आवासीय माहौल ने उनके अनुभव को खास बनाया है।
यह कहानी सिर्फ एक परिवार के घर खरीदने की नहीं, बल्कि इस बात की भी है कि सरकारी आवासीय परियोजनाएं यदि सही लोकेशन, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और सुविधाओं के साथ विकसित हों तो वे निजी परियोजनाओं को भी टक्कर दे सकती हैं।
दो साल पहले लिया फैसला, आज अपने घर में संतुष्टि
जितेंद्र मेहता बताते हैं कि उन्होंने करीब दो साल पहले डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में अपना घर बुक कराया था। उस समय उनकी प्राथमिकता थी—परिवार के लिए बेहतर वातावरण, शहर से अच्छी कनेक्टिविटी और आसपास जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता।
आज अपने घर में रहकर वे इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
“मैंने करीब दो साल पहले डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में अपना घर बुक कराया था और आज यहां रहकर अपने फैसले से बहुत संतुष्ट हूं। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रीमियम लोकेशन है।”
रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक—कनेक्टिविटी बनी सबसे बड़ी ताकत
हिमालयन हाइट्स की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसकी लोकेशन और कनेक्टिविटी को माना जा रहा है।
जितेंद्र मेहता के मुताबिक यहां से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मुख्य सड़क और शॉपिंग मॉल तक पहुंच आसान है। रोजमर्रा के काम, नौकरी-पेशे से जुड़ा आवागमन और परिवार की जरूरतें पूरी करने में यह कनेक्टिविटी बड़ा फायदा देती है।
उनका कहना है कि घर खरीदते समय केवल कीमत देखना पर्याप्त नहीं होता। घर के आसपास क्या सुविधाएं हैं, शहर के प्रमुख हिस्सों तक पहुंच कितनी आसान है और परिवार को आने-जाने में कितना समय लगेगा—ये सभी बातें उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
“निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी तरह कम नहीं”
हिमालयन हाइट्स को लेकर जितेंद्र मेहता का सबसे अहम अनुभव इसकी तुलना निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से जुड़ा है।
वे कहते हैं कि सुविधाओं और लोकेशन के मामले में यह परियोजना निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी तरह कम नहीं है।
“मेरे अनुभव में यह परियोजना निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी भी तरह कम नहीं है। अच्छी लोकेशन पर किफायती दर में अपना घर मिलना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।”
यही अनुभव हाउसिंग बोर्ड की उस कोशिश को मजबूत करता है, जिसमें आम परिवारों को बेहतर लोकेशन पर सुविधायुक्त और किफायती आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की आवासीय पहल को मिल रहा भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार जोर दे रही है।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की परियोजनाओं में गुणवत्ता, बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
हिमालयन हाइट्स इसी दिशा में विकसित की गई परियोजनाओं में से एक है।
“हाउसिंग बोर्ड ने हमारा सपना पूरा किया”
अपने घर का सपना पूरा होने पर जितेंद्र मेहता ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।
“छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने हमारे अपने घर के सपने को साकार किया है। इसके लिए मैं हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”
घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, परिवार के भविष्य की नींव
हिमालयन हाइट्स की कहानी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि घर किसी परिवार के लिए सिर्फ एक संपत्ति नहीं होता। यह सुरक्षा, स्थायित्व और भविष्य की उम्मीद से जुड़ा होता है।
जितेंद्र मेहता के लिए भी हिमालयन हाइट्स महज रहने की जगह नहीं है। यह उस सपने का परिणाम है जिसे उन्होंने दो साल पहले देखा था और आज अपने परिवार के साथ उसे जी रहे हैं।
राज्य सरकार और हाउसिंग बोर्ड की कोशिश यही है कि बेहतर लोकेशन, सुविधाजनक आवास और किफायती विकल्पों के जरिए ज्यादा से ज्यादा परिवारों के “अपने घर” के सपने को साकार किया जा सके।
