CM साय ने कहा—बस्तर की नई पहचान पर्यटन से गढ़ने में मीडिया की भूमिका अहम, दुनिया तक पहुंचेगी प्राकृतिक खूबसूरती

रायपुर, 22 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद की छाया से निकलकर शांति, विकास और पर्यटन की नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री साय शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात के दौरान पर्यटन विकास और मीडिया की भूमिका पर चर्चा कर रहे थे।
CM साय बोले—बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, प्रकृति और संस्कृति के लिए जाना जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से भरपूर है। यहां के घने जंगल, जलप्रपात, नदियां, पहाड़ और गुफाएं पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही बस्तर की जनजातीय परंपराएं, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और जीवनशैली भी इसकी विशिष्ट पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले चार दशकों में राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान मुख्य रूप से नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी रही, जिसके कारण इसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता और क्षेत्र में बन रहे शांतिपूर्ण माहौल ने विकास और पर्यटन के नए रास्ते खोले हैं।
CM साय ने पत्रकारों से कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए।
पर्यटन बढ़ेगा तो युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान बदलने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा जरिया भी है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, गाइड सेवा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के जरिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
लेह-लद्दाख से सीखने की जरूरत
CM साय ने लेह-लद्दाख का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राकृतिक और भौगोलिक रूप से विशिष्ट क्षेत्रों में सुव्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों ने वहां पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन आधारित आजीविका से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। लक्ष्य है कि देश-दुनिया के पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता व विशिष्ट संस्कृति को करीब से अनुभव करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
