जांजगीर से ISI कनेक्शन में युवक गिरफ्तार! किरायेदार सत्यापन में पकड़ा गया पंजाब का युवक, पुलिस की जांच में खुला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का नेटवर्क
अकलतरा पुलिस की कार्रवाई, व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल की हो रही जांच; विदेशी संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल में जुटीं एजेंसियां
जांजगीर-चांपा, 22 जून 2026: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले की अकलतरा पुलिस ने रूटीन किरायेदार सत्यापन (Tenant Verification) अभियान के दौरान पंजाब के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े कुछ संदिग्ध डिजिटल इनपुट मिले हैं। इस खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
किरायेदार वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ी गई संदिग्ध गतिविधियां
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष किरायेदार सत्यापन अभियान के तहत अकलतरा क्षेत्र में रहने वाले बाहरी लोगों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस की टीम एक घर में पहुंची, जहां पंजाब का रहने वाला 23 वर्षीय युवक सेवक सिंह किराये पर रह रहा था।

पूछताछ के दौरान युवक की गतिविधियां और जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद पुलिस ने कड़ाई बरतते हुए उसके मोबाइल फोन की जांच की। मोबाइल की शुरुआती जांच में ही कुछ ऐसे इनपुट और चैट मिले, जिसने पुलिस के होश उड़ा दिए।
व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सेवक सिंह के मोबाइल से कई संदिग्ध डेटा मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस निम्नलिखित बिंदुओं पर बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है: व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chat): संदिग्ध विदेशी नंबरों और संपर्कों के साथ हुई बातचीत का रिकॉर्ड। वीडियो कॉल (Video Calls): हाल ही में किए गए वीडियो कॉल्स और उनके लोकेशन की पड़ताल। डिजिटल साक्ष्य: मोबाइल में मौजूद अन्य सोशल मीडिया ऐप्स, डिलीट किए गए डेटा और फाइलों की रिकवरी।

संवेदनशील जानकारी भेजने और ‘टारगेट किलिंग’ का एंगल
इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा और खतरनाक पहलू सामने आ रहा है, वह है देश की सुरक्षा से खिलवाड़ और हिंसक साजिश। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार: शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी द्वारा कुछ बेहद संवेदनशील जानकारियां देश से बाहर (विदेश) भेजी जा रही थीं। इसके साथ ही, जांच टीम ‘टारगेट किलिंग’ (Target Killing) से जुड़े संभावित इनपुट के एंगल पर भी गहराई से काम कर रही है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी तक इन पहलुओं की आधिकारिक (Official) पुष्टि नहीं की गई है।
केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां हुई सक्रिय, नेटवर्क की तलाश शुरू
अकलतरा पुलिस ने आरोपी सेवक सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। चूंकि मामला सीधे तौर पर राष्ट्र की सुरक्षा और विदेशी खुफिया एजेंसी (ISI) से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय पुलिस अब देश की प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय (Coordination) स्थापित कर आगे बढ़ रही है।

आरोपी के मोबाइल और अन्य जब्त डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि छत्तीसगढ़ में सेवक सिंह के मददगार कौन थे और उसका यह नेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ है।
विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले को बेहद गोपनीय और संवेदनशील रखा गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत या औपचारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर है, पूरी कड़ियों के जुड़ने और पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर आधिकारिक तौर पर साफ की जाएगी।









