CG-ब्रेकिंग : BJP नेता को जिंदा जलाकर मारने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, मनोज त्रिपाठी समेत 4 ने किया सरेंडर, अब तक 8 गिरफ्तार, CBI जांच की मांग
कोरिया, 19 जून 2026. छत्तीसगढ़ को दहला देने वाले चर्चित तिहरे हत्याकांड में शनिवार को एक बड़ा और निर्णायक मोड़ आया है। भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सहित तीन लोगों को जिंदा जलाकर मारने के मामले में मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मनेंद्रगढ़ थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेकते हुए आरोपियों को आखिरकार कानून के सामने सरेंडर करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन और आशुतोष त्रिपाठी लगातार फरार चल रहे थे। शनिवार को इन चारों ने चुपचाप मनेंद्रगढ़ थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इस तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने कुल 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पूर्व में हुई 4 गिरफ्तारियों और आज के 4 सरेंडर के बाद अब तक कुल 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि 1 आरोपी अब भी फरार है।

क्या थी घटना? 16 जून की वो खौफनाक रात
यह दिल दहला देने वाली वारदात 16 जून की देर रात कोरिया जिले के नौगईं गांव में अंजाम दी गई थी। रेत तस्करी और अवैध वसूली के विवाद को लेकर आरोपियों ने भाजपा नेता व पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी को बीच रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने चलती गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हमले में भाजपा नेता भरत सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उनके चचेरे भाई नागेंद्र सिंह और एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रेत के अवैध खेल और रंजिश का खूनी अंत
एसपी रत्ना सिंह का बयान: “पुलिस की लगातार दबिश और ताबड़तोड़ छापेमारी के कारण आरोपियों पर चौतरफा दबाव बन गया था, जिसके चलते उन्होंने सरेंडर किया है। मामले की आगे की विस्तृत जांच कोरिया पुलिस द्वारा की जाएगी।”

प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात साफ हो चुकी है कि दोनों पक्षों (त्रिपाठी और सिंह परिवार) के बीच लंबे समय से रेत के अवैध खनन और अवैध वसूली के वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश ने अंततः एक खूनी रूप ले लिया और इस सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड को जन्म दिया।
गरमाई सियासत: CBI जांच की मांग और करणी सेना का अल्टीमेटम
इस हत्याकांड के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। चूंकि मामला भाजपा नेता की हत्या से जुड़ा है, इसलिए इस पर सियासत और सामाजिक आक्रोश भी तेज हो गया है: पीड़ित परिवार ने इस पूरी घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठाई है। करणी सेना ने इस बर्बर हत्याकांड के विरोध में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सरेंडर किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा सकें। वहीं, फरार चल रहे आखिरी आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।










