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Chhattisgarh Engineering Seats Reduced: छत्तीसगढ़ के 3 इंजीनियरिंग कॉलेज होंगे बंद, 1000 सीटें घटेंगी…कार्यपरिषद ने प्रोग्रेसिव क्लोजर को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। सीएसवीटीयू ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है, जिससे प्रदेश में करीब 1000 इंजीनियरिंग सीटें कम हो जाएंगी।


Chhattisgarh Engineering Seats Reduced: रायपुर, 19 जून 2026। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एक दशक पहले जहां छत्तीसगढ़ में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या और घटने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है।

कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज धनोरा (दुर्ग), कोलंबिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (रायपुर) तथा कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज (रायपुर) नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। इन संस्थानों ने स्वयं सीट इनटेक शून्य करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी दे दी गई है। अब ये कॉलेज डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे और प्रथम वर्ष में नए विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। इनमें से दो संस्थानों के निजी विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होने की संभावना भी जताई जा रही है।

योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज होगा पूरी तरह बंद

कार्यपरिषद ने राजनांदगांव स्थित योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ण बंदी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीएसवीटीयू की निगरानी में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय विशेष काउंसलिंग आयोजित करेगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

तीन पॉलीटेक्निक कॉलेजों में भी नए प्रवेश पर रोक

संबद्धता निरीक्षण के दौरान अहिवारा स्थित आईबीटी पॉलिटेक्निक, मनसा पॉलिटेक्निक तथा मेदुका के आयुष पॉलिटेक्निक में गंभीर खामियां पाई गईं। निरीक्षण टीम को शिक्षकों की कमी, प्रयोगशालाओं के अभाव सहित 33 से अधिक कमियां मिलीं। इसके बाद इन तीनों संस्थानों को इस शैक्षणिक सत्र के लिए जीरो इनटेक कर दिया गया है। यानी इनमें नए छात्रों का प्रवेश नहीं होगा। संस्थानों को एक वर्ष के भीतर कमियां दूर कर पुनः आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

फायर सेफ्टी डिप्लोमा जारी, माइनिंग डिप्लोमा बंद

कार्यपरिषद ने सीएसवीटीयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट में संचालित डिप्लोमा इन फायर सेफ्टी को जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ एमओयू की तैयारी की जा रही है। वहीं डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग को मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह कोर्स इस सत्र से बंद हो जाएगा।

सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने बताया कि तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दी गई है और उनके सीट इनटेक शून्य कर दिए गए हैं। वहीं संसाधनों के अभाव में संचालित तीन पॉलीटेक्निक संस्थानों में भी इस वर्ष नए प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

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कुलपति डॉ. अरुण अरोरा

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