CG-भ्रष्ट सरपंच जायेंगे जेल: शासकीय राशि गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, 11 पूर्व सरपंचों को 30 दिनों की जेल का आदेश, पढ़िए आदेश
रायपुर, 19 मई 2026. रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड में शासकीय राशि के गबन के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पंचायतों के पूर्व सरपंचों को 30 दिनों के लिए सिविल जेल भेजने का आदेश जारी किया है। यह आदेश एसडीएम न्यायालय अभनपुर द्वारा तमाम न्यायालयीन प्रक्रियाओं के पालन के बाद जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार संबंधित पूर्व सरपंचों पर अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि के गबन का आरोप है। उन्हें पूर्व में राशि राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बार-बार नोटिस और कार्रवाई के बावजूद उन्होंने राशि जमा नहीं की। इसके बाद एसडीएम न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

बताया गया कि आदेश जारी करने से पहले सभी पूर्व सरपंचों को मांग नोटिस भेजे गए थे। इसके अलावा उनकी चल एवं अचल संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी की गई थी। बावजूद इसके संबंधित राशि जमा नहीं की गई। न्यायालय ने सभी आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि उन्हें जेल क्यों न भेजा जाए, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक और वैधानिक जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
18 मई को एसडीएम न्यायालय अभनपुर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि संबंधित पूर्व सरपंचों को 30 दिन अथवा राशि जमा किए जाने तक सिविल जेल भेजा जाएगा। आदेश के पालन के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को पत्र भेजा गया है। वहीं केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।


जिन पूर्व सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें घोंठ के पूर्व सरपंच सेवाराम यादव पर 1 लाख 96 हजार रुपए, कुर्रु के गोपाल ध्रुव पर 80 हजार रुपए, आलेखुंटा के गोपेश ध्रुव पर 50 हजार रुपए, खोला के तुलसीराम बारले पर 20 हजार 927 रुपए, परसुलीडीह के रामेश्वर प्रसाद डहरिया पर 5 लाख 90 हजार 387 रुपए, पचेड़ा के थनवार बारले पर 3 लाख 80 हजार रुपए, गोतियारडीह की पूर्व सरपंच सावित्री यादव पर 2 लाख 47 हजार 34 रुपए, चंपारण के धर्मेंद्र यदु पर 30 हजार 700 रुपए, घुसेरा के राधेश्याम लहरी पर 80 हजार रुपए, भोथीडीह के तुकाराम कारले पर 2 लाख रुपए तथा तोरला के सेवेंद्र तारक पर 1 लाख 56 हजार 915 रुपए की राशि बकाया बताई गई है।

एसडीएम अभनपुर ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित पूर्व सरपंच बकाया राशि जमा कर देते हैं, तो उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।










