आज INDIA ब्लॉक की ‘महाबैठक’: 23 दलों की मीटिंग, DMK-AAP ने बनाई दूरी, बैठक में क्या होगा?
INDIA Bloc Meeting 2026: देश के चुनावों में लगातार विपक्ष के गिरते प्रदर्शन के चलते आज (8 मई) को इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक बुलाई गई है. बता दें कि 2024 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार के खिलाफ एक बड़े गठबंधन की कवायद शुरू हुई थी, जिसे बाद में विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इंडिया ब्लॉक(INDIA Alliance) का नाम दिया. इस नाम पर 2024 का चुनाव लड़ा गया, लेकिन नतीजों के बाद इस गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठने लगे.
हालांकि, अब एक बार फिर इस गठबंधन को लेकर विपक्षी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसके चलते सोमवार (8 मई) को देश की राजधानी दिल्ली में अहम बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में 23 विपक्षी दलों के नेता शामिल हो सकते हैं. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से तेजस्वी यादव शामिल होंगे.
DMK नहीं होगी शामिल
दिल्ली में आज होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके हिस्सा नहीं लेंगी. डीएमके ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस की मौजूदगी वाली किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगी. INDIA गठबंधन बनने के बाद यह पहली बार है जब डीएमके किसी बैठक से दूर रह रही है.
TVK होगी शामिल
हाल ही में हुए तमिलनाडु चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला. विधानसभा चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव परिणामों के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए. कांग्रेस ने तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) का साथ देते हुए राज्य में सरकार बनाई, जिसके कारण DMK कांग्रेस को धोखेबाज करार दे रही है. हालांकि, इस राजनीतिक ड्रामे के बाद आज होने वाली बैठक में विजय की पार्टी TVK के भी शामिल होने की अटकलें तेजी से चल रही हैं.
बैठक में क्या होगा?
बीजेपी के खिलाफ आगे की रणनीति तय करने और गठबंधन के भीतर मतभेदों पर चर्चा करने के लिए विपक्षी INDIA गठबंधन की 23 पार्टियां सोमवार को दिल्ली में बैठक करेंगी. हाल के विधानसभा चुनावों में TMC और अशख के कमजोर प्रदर्शन के बाद यह बैठक अहम मानी जा रही है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में शामिल होने के लिए 23 दलों के नेताओं ने सहमति दे दी है. बैठक में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विपक्षी एकता को मजबूत करने के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

