CG Cyber Fraud: किराए के बैंक खातों से चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा और साइबर फ्रॉड, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार
खैरागढ़, 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले की छुईखदान थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर फ्रॉड के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी किराए पर लिए गए बैंक खातों के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़ी रकम का लेन-देन कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त एवं फ्रीज की है।
1.69 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक बैंक खाते में विभिन्न राज्यों से 1,69,32,368 रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिला। इसके बाद तकनीकी जांच और बैंकिंग रिकॉर्ड के विश्लेषण के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस का मानना है कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़ी हो सकती है।
मुंबई के पलावा सिटी से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह का संचालन मुंबई के पलावा सिटी से किया जा रहा था। गिरोह बैंक खातों को किराए पर लेकर उनके माध्यम से अवैध वित्तीय लेन-देन करता था। इन खातों का उपयोग साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने और ऑनलाइन सट्टेबाजी के भुगतान के लिए किया जाता था।
चार आरोपी गिरफ्तार, एटीएम कार्ड और लैपटॉप बरामद
छुईखदान थाना पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 19 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की अनुमानित कीमत 5.50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों में 5 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। इस प्रकार कुल 10.50 लाख रुपये की कार्रवाई की गई है।
किराए के बैंक खातों से चलता था पूरा खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों से बैंक खाते किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए करता था। इससे वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपी रहती थी और अवैध नेटवर्क आसानी से संचालित होता था।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

