एक शिक्षक के भरोसे चल रहा स्कूल, आक्रोशित ग्रामीणों और छात्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट, दी चक्काजाम की चेतावनी
बिलासपुर, 23 जून 2026.“पढ़ेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया” का नारा बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड में दम तोड़ता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत चितावर के पूर्व माध्यमिक शाला में पिछले तीन वर्षों से जारी शिक्षकों की भारी किल्लत से तंग आकर मंगलवार को ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीण और छात्र सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूल में तत्काल नए शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
3 साल से बदहाल शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीणों ने चंदा कर रखा प्राइवेट टीचर
ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि स्कूल में पिछले 3 सालों से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि पूरे स्कूल का संचालन महज एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए गांव वालों ने मिसाल पेश करते हुए आपस में चंदा इकट्ठा किया और एक निजी (प्राइवेट) शिक्षक की व्यवस्था की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव वाले तो बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग सोया हुआ है।

अफसरों ने सिर्फ दिए खोखले आश्वासन
कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। हर बार उन्हें केवल आश्वासन की घुट्टी पिलाई गई, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों और जरूरी शिक्षण सामग्री के अभाव में बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक गया है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
नया सत्र शुरू होते ही इस तरह का बड़ा विरोध प्रदर्शन शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन इस संवेदनशील मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और चितावर के नौनिहालों को उनका हक (शिक्षक) कब तक मिल पाता है।













