शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला से दुष्कर्म; SP ने थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड, आरोपी कांस्टेबल समेत तीन गिरफ्तार

स्टोरी हाइलाइट्स
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थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मी निलंबित।
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वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार।
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SIT कर रही जांच, घटनास्थल का कमरा सील।
CRIME REPORT/रांची. जिस पुलिस थाने में एक महिला अपने परिवार से प्रताड़ना की शिकायत लेकर सुरक्षा और न्याय की उम्मीद में पहुंची थी, उसी थाने के परिसर में उसके साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप सामने आया है। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने से जुड़े इस मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत अब तक 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
मामला 29 अक्टूबर की रात का बताया जा रहा है। गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुग्धा गांव की रहने वाली 20 वर्षीय महिला पारिवारिक विवाद और पति की कथित प्रताड़ना की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी।
देर रात होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उसे थाने में ही रुकने की सलाह दी। आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा महिला को थाने के भीतर एक कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मामले में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने विभागीय कार्रवाई करते हुए पहले पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इसके बाद रविवार को नौ और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। नए निलंबित पुलिसकर्मियों में दो सब इंस्पेक्टर, चार सहायक सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार और एक कांस्टेबल शामिल हैं।
इस तरह अब तक कुल 15 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें थाना प्रभारी भी शामिल हैं। बताया गया है कि कुछ पुलिसकर्मियों पर घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर नहीं देने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, SIT कर रही जांच
इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा, सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष राय के नाम सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
मामले की जांच के लिए सरायकेला SDPO अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित कमरे को सील कर दिया है, ताकि साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें।
पुलिस प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में कार्रवाई केवल कथित मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं है। पुलिस प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि घटना के समय थाने में कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे? महिला की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को कब मिली? और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिस भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
थाने के भीतर सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह मामला पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। थाने को आम नागरिकों की सुरक्षा और शिकायतों के निवारण का सबसे पहला केंद्र माना जाता है। ऐसे में पुलिस परिसर के भीतर ही इस तरह के गंभीर अपराध का आरोप सामने आना व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल SIT की जांच जारी है। अब निगाहें जांच रिपोर्ट, न्यायिक प्रक्रिया और आरोपियों के खिलाफ आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
