सड़कों की बदहाली पर PWD सख्त: बारिश-बाढ़ से टूटी सड़कों पर PWD सचिव का बड़ा निर्देश—काम में देरी बर्दाश्त नहीं, युद्धस्तर पर सुधार के निर्देश
रायपुर, 13 अगस्त 2026। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में चल रहे सड़क और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में हुई बैठक में उन्होंने प्रस्तावित, स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ-साथ निविदा प्रक्रिया, बिल भुगतान और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो और सभी काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलों की मरम्मत सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में सचिव बंसल ने बारिश के बाद अतिवृष्टि और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों एवं पुलों के निर्माण और सुधार कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित मार्गों पर आवागमन जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने वर्तमान मानसून के दौरान सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढों को भरने का काम तत्काल शुरू करने को कहा। साथ ही परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों में खराबी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
बरसात समाप्त होने के बाद बीटी पेच रिपेयरिंग के कार्यों को युद्धस्तर पर कराने के लिए 31 अगस्त तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने और 31 सितंबर तक एजेंसियां तय करने के निर्देश दिए गए।
हर सप्ताह दो दिन फील्ड में उतरेंगे इंजीनियर
PWD सचिव ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं एवं अनुविभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर काम की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। इन बैठकों में निर्माण कार्यों के साथ निविदा प्रक्रिया, बिल भुगतान, न्यायालयीन प्रकरण, मानव संसाधन और कार्यालयीन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा होगी।
उन्होंने सभी अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन कार्यस्थलों का दौरा करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। ठेकेदारों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय रखते हुए निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार काम पूरा कराने पर भी जोर दिया गया।
पहुंचविहीन गांवों तक सड़क और पुल पहुंचाने पर जोर
बैठक में सचिव ने पहुंचविहीन गांवों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों तथा द्रुतगामी सड़कों के प्रस्तावों की भी जानकारी ली। उन्होंने आपसी सहमति से होने वाले भू-अर्जन की प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी होने के तत्काल बाद नामांतरण कराने को कहा।
काम पूरा तो तीन महीने में भुगतान
सचिव बंसल ने पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों के जीएसटी, रॉयल्टी और ठेकेदारों के अंतिम भुगतान सहित सभी देयकों का भुगतान आगामी 30 सितंबर तक करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के तीन महीने के भीतर सभी देयकों का भुगतान कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए और इसके बाद कार्यों को PWD-IMS में क्लोज किया जाए। वहीं आयोजनों एवं कार्यक्रमों से संबंधित बिलों का भुगतान भी नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए।
तीन साल से एक ही जगह जमे कर्मचारियों की बनेगी सूची
बैठक में राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों की 30 सितंबर तक नई पदस्थापना करने को कहा गया।
सचिव ने प्रमुख अभियंता को अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन यानी ACR में समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए गए निर्माण कार्यों की संख्या की मार्किंग के लिए पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।
31 अगस्त तक PWD-IMS में सभी कार्यों की एंट्री
सचिव बंसल ने विभाग के सभी निर्माण कार्यों की PWD-IMS में एंट्री 31 अगस्त तक पूर्ण करने को कहा। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, CPGRAMS और लोक सेवा गारंटी से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों के त्वरित निराकरण पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। कार्यपालन अभियंताओं को हर 15 दिन में स्वयं इन पोर्टलों की समीक्षा कर लंबित मामलों के निराकरण की स्थिति से अवगत रहने को कहा गया।
पेंशन और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा
बैठक में दुर्ग परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने लंबित पेंशन प्रकरणों को 30 सितंबर तक निराकृत करने के निर्देश दिए।
इस वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के अमांग-अजांच प्रमाण पत्र भी संकलित करने को कहा गया।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय, दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता बी.के. पटोरिया, विद्युत एवं यांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता सुरेश भूपल सहित दुर्ग परिक्षेत्र के सभी सात संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

