DEO सस्पेंड ब्रेकिंग: भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई, BEO रहते गबन का आरोप

रायपुर, 3 सितंबर 2026। स्कूलों के बिजली बिलों की राशि में कथित वित्तीय गड़बड़ी अब एक बड़े प्रशासनिक एक्शन में बदल गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जोईधा राम डहरिया को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। विभाग ने 3 सितंबर को निलंबन आदेश जारी किया।
डहरिया पर आरोप है कि महासमुंद जिले के बसना में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर रहते हुए शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के विद्युत देयकों की राशि में गड़बड़ी की गई, जिससे शासन को वित्तीय नुकसान हुआ।
DEO के पद तक पहुंचे अधिकारी पर अब निलंबन की कार्रवाई
जोईधा राम डहरिया वर्तमान में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में DEO के पद पर पदस्थ थे। लेकिन जिस मामले को लेकर कार्रवाई हुई, वह उनके बसना BEO के कार्यकाल से जुड़ा है।
विभाग के आदेश में मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है। साथ ही उनके खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनुशासनहीनता किए जाने का उल्लेख किया गया है।
यानी मामला सिर्फ किसी भुगतान संबंधी सामान्य चूक तक सीमित नहीं माना गया, बल्कि विभाग ने इसे गंभीर प्रकृति का मामला मानते हुए सीधे निलंबन की कार्रवाई की है।
स्कूलों के बिजली बिल की राशि में आखिर क्या हुआ?
आरोपों का केंद्र सरकारी स्कूलों के विद्युत देयकों की राशि है। विभाग के मुताबिक BEO बसना के पद पर रहते हुए इस राशि में गड़बड़ी हुई और इसके चलते शासन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
हालांकि आदेश में कथित गड़बड़ी की पूरी रकम और भुगतान की विस्तृत प्रक्रिया का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में जांच के दौरान यह साफ होना बाकी है कि कितनी राशि में अनियमितता हुई और इसमें जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।
निलंबन के बाद रायपुर होगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान जोईधा राम डहरिया का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
विभाग ने सिविल सेवा नियमों के तहत की कार्रवाई
स्कूल शिक्षा विभाग के अपर सचिव निकोडिमस एक्का के हस्ताक्षर से जारी आदेश में निलंबन की कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत की गई है।
अब आगे की विभागीय जांच में यह तय होगा कि बिजली बिलों की राशि में कथित अनियमितता कैसे हुई, वित्तीय नुकसान कितना हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
DEO स्तर के अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में वित्तीय प्रबंधन और सरकारी स्कूलों से जुड़े भुगतान की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
